
MADHUBANI:- नगर निगम के प्रधान लिपिक अकील का शव अधिकारी के कक्ष से बरामद, जांच में जुटी पुलिस
मधुबनी- 14 मार्च। नगर निगम में कार्यरत प्रधान सहायक 57 वर्षीय अकील अहमद द्वारा सोमवार को कार्यालय स्थित प्रशासक के कक्ष में ही गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर लिया। गले में फंदा लगाकर टेबुल पर लटक गए। घटना लगभग सुबह दस बजे की है। कार्यालय कर्मियों ने बताया कि सभी दिन की तरह वे कार्यालय पहुंचे। तथा अपने टेबुल के पास गए। परंतू वे वहां नहीं बैठे और अपने कक्ष से बाहर की ओर निकले। लेकिन वे बाहर नहीं जाकर सूना पड़े प्रशासक के कक्ष में चले गए। इसकी भनक किसी को नहीं लग सकी।

वहीं उनके आने के दौरान कार्यालय में इक्के दुक्के ही कर्मी मौजूद थे। प्रशासक के लिए बने कक्ष में नहीं कोई जाता था। बताया जा रहा है कि वे घर से लगभग साढ़े नौ निकले थे। वहां से वे किसी के पास गए। तथा आक्रोश में आकर कहीं रस्सी खरीद लिए और वहां से आकर कक्ष में घटना को अंजाम दिया। कार्यालय में महिला कर्मियों के लिए शौचालय नहीं होने के कारण इस कक्ष के शौचालय का प्रयोग उनके द्वारा किया जाता रहा है। लगभग 11. 20 बजे में वे जब इस कक्ष में गयी, तो वहां पर शव को झूलता देख चीखते हुए बेहोश हो गयी। इसके बाद कार्यालय में मौजूद सभी कर्मी व आयुक्त के लिए प्रतिनियुक्त गार्ड कक्ष की ओर दौड़े। वहां का दृश्य देख हड़कंप मच गया। तथा चारों तरफ यह सूचना फैल गयी। इसके बाद पूरे शहर से कर्मी व समाजिक कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गयी।
आयुक्त के साथ हुई झड़प—
जानकारी मिलते ही लगभग 11.40 में नगर थाना से पुलिस पहुंची। इसके बाद नगर आयुक्त राकेश कुमार भी कार्यालय पहुंचे। परंतू कर्मियों ने उनका विरोध शुरू कर दिया। कर्मी आक्रोशित हो गए। इसके बाद वे अपनी गाड़ी से बाहर निकलने लगे, तो कर्मी उन्हें रोक दिया। तनाव को बढ़ता देख नगर थाना की पुलिस उन्हें अपनी गाड़ी में बिठा लिया। परंतू कर्मी उस वाहन को भी घेर कर नहीं जाने देने पर अड़ गए। काफी मशक्कत के बाद उन्हें वहां से पुलिस लेकर बाहर निकल पायी। इसके बाद आक्रोशित लोग प्रशासन के विरोध जमकर नारेबाजी करने लगे। वहीं प्रशासक के बुलाने की मांग पर अड़े आक्रोशित लोगों ने शव को उतारने से इंकार कर दिया। तथा आगे की कार्रवाई से पहले परिजन को पचास लाख रुपया मुआवजा एवं कर्मियों को प्रताड़ित करने वाले अधिकारियों पर हत्या कांड में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करने लगे। लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता रहा। इसके बाद भारी संख्या में पुलिस फोर्स को बुलाया गया। परंतू इसके बाद लोग भड़क गये और निगम चोक-चोराहे पर ही सड़क को जाम कर दिया।
लोगों के बढ़ रहे आक्रोश से पुलिस प्रशासन की परेशानी बढ़ गयी। बाद में सदर एसडीओ अश्विनी कुमार के सख्त व समुचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए। तथा लगभग ढ़ाई बजे प्रशासन शव को नीचे उतार पायी। वहीं लगभग साढ़े पांच घंटा फंदा से शव लटका रहा। घटना की जानकारी मिलते ही मृत हुए प्रधान सहायक के परिजन पंडौल से निगम कार्यालय पहुंचे। लगभग बारह बजे परिजन आकर हत्या करने की प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करने लगे। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ लोगों ने अपना आक्रोश व्यक्त किया। वहीं प्रशासक के नहीं आने पर अपना रोष का इजहार किया। लोगों में इसे लेकर काफी आक्रोश था कि मुख्यालय में उनकी मौजूदगी के बाद भी निगम कर्मी के साथ हुए इस दर्दनाक हादसे की खोजखबर नहीं लिया गया। मौके पर मौजूद सदर एसडीएम अश्विनी कुमार ने आवेदन देने का आग्रह किया। जिसके बाद परिजनों ने आवेदन लिखकर पुलिस को सौंपा है।
नगर आयुक्त पर गाली गलौज व धमकी का आरोप—
मृतक प्रधान सहायक अकील अहमद के पुत्र फैजेल अहमद ने नगर थाना को कानूनी कार्रवाई के लिए आवेदन दिया है। जिसमें नगर आयुक्त राकेश कुमार एवं उप नगर आयुक्त अरुण कुमार को आरोपी बनाया गया है। आवेदन में बताया गया है कि उनके पिता को कार्यालय में प्रताड़ित करने के कारण आत्महत्या की घटना हुई है। बताया गया है कि उनका वेतन करीब पांच माह से बिना कारण निगम द्वारा रोका गया था। इन दोनों की अधिकारी के द्वारा मानसिक रुप से प्रताड़ित करते थे। 14 मार्च को उनके पिता नौ बजे कार्यालय निकले थे। कार्यालय में आने के बाद नगर आयुक्त के द्वारा उन्हें कक्ष में बुलाया गया। जहां डांट फटकार एवं गाली गलौज करते हुए जान मरवा देने की धमी दिया गया। पूरे परिवार को बर्बाद करने की धमकी दी गयी। इस हालत में अपमानित होकर आत्महत्या कर लिया गया। लगभग 12 बजे उन्हें इसकी जानकारी मली, तो वे निगम पहंुचे जहां प्रशासक के कक्ष में पंखा से लटकता शव देखा।



