
ईरान का बड़ा दावा – केशम द्वीप के ऊपर अमेरिका का 16वां MQ-1 ड्रोन मार गिराया
तेहरान- 07 नवंबर। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बड़ा दावा किया है। आईआरजीसी के मुताबिक, उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने होर्मुज जलडमरूमध्य के केशम द्वीप के ऊपर अमेरिका के एक MQ-1 टोही और लड़ाकू ड्रोन को मार गिराया है। ईरान का दावा है कि यह उसकी एयर डिफेंस प्रणाली द्वारा नष्ट किया गया अमेरिका का 16वां MQ-1 ड्रोन है।
ईरान सरकार की अंतरराष्ट्रीय समाचार नेटवर्क प्रेस टीवी ने आईआरजीसी के जनसंपर्क कार्यालय के हवाले से बताया कि शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया कि अमेरिकी ड्रोन को उसकी एयरोस्पेस फोर्स द्वारा संचालित अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम ने निशाना बनाया। यह सिस्टम ईरान के एकीकृत वायु रक्षा नेटवर्क के तहत काम करता है।
बयान में कहा गया कि ईरानी सेना दुश्मन की हवाई गतिविधियों, निगरानी अभियानों और ड्रोन की उड़ान पर लगातार नजर रख रही है। आईआरजीसी ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर ब्रैड कूपर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिकी टोही मिशनों की लगातार विफलता उनके नेतृत्व पर सवाल खड़े करती है।
इससे पहले बुधवार को भी आईआरजीसी ने केशम द्वीप के ऊपर एक अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को नष्ट करने का दावा किया था। उस समय इसे इस तरह का 15वां ड्रोन बताया गया था।
MQ-1 प्रीडेटर अमेरिका का रिमोट से संचालित टोही और लड़ाकू विमान है। इसे जनरल एटॉमिक्स कंपनी ने विकसित किया था। यह मध्यम ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ान भरने और निगरानी करने में सक्षम है।
अमेरिकी वायु सेना ने वर्ष 2018 में अपने MQ-1 प्रीडेटर बेड़े को सेवा से हटा दिया था और उसकी जगह अधिक आधुनिक MQ-9 रीपर ड्रोन का इस्तेमाल शुरू किया था।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। यह दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
ईरान का दावा है कि इस समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी उसकी नौसेना और आईआरजीसी नौसेना के पास है। तेहरान ने यहां से गुजरने वाले जहाजों पर भी निगरानी और नियंत्रण बढ़ाने की बात कही है।
फिलहाल, अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने के ईरानी दावे पर अमेरिकी पक्ष की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इस घटना से क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव बढ़ने की आशंका और गहरा गई है।



