
एशियन पैरा गेम्स में बिहार के तैराक शम्स पर गंभीर आरोप, जापान से भारत वापस भेजे गए; PCI ने आजीवन प्रतिबंध की सिफारिश की
बिहार अंतर्गत मधुबनी जिला के बिस्फी निवासी हैं शम्स
दिल्ली – 22 अक्टूबर। भारतीय पैरा दल के लिए जापान से एक शर्मनाक खबर सामने आई है। बिहार के मधुबनी ज़िले के बिस्फी प्रखंड के रहने वाले अनुभवी पैरा तैराक शम्स आलम को एशियन पैरा गेम्स 2026 के बीच से भारत वापस भेज दिया गया है। उन पर जापान के नागोया स्थित होटल में महिला स्टाफ के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कथित घटना सोमवार को नागोया के Four Points by Sheraton होटल में हुई, जहाँ भारतीय पैरा स्विमिंग टीम ठहरी हुई थी। आरोप है कि हाउसकीपिंग ड्यूटी कर रही महिला कर्मचारी के साथ कथित छेड़खानी हुई।
शिकायत होटल मैनेजमेंट और लोकल ऑर्गनाइजिंग कमेटी तक पहुंची, जिसके बाद जापानी पुलिस ने शम्स आलम को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। एक दिन बाद मंगलवार को उन्हें बिना किसी इवेंट में हिस्सा लिए ही भारत भेज दिया गया।
40 वर्षीय शम्स आलम बिहार के मधुबनी जिले से आते हैं और देश के सबसे सफल पैरा तैराकों में गिने जाते हैं। वह 2018 में जकार्ता में हुए एशियन पैरा गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वहां 200m और 50m ब्रेस्टस्ट्रोक में गोल्ड मेडल जीत चुके थे। उन्होंने पुरुषों की 100m बटरफ्लाई S5 और 50m ब्रेस्टस्ट्रोक SB4 कैटेगरी में वर्ल्ड नंबर-1 रैंकिंग हासिल की है। 2025 में रेक्याविक इंटरनेशनल गेम्स में भी उन्होंने भारतीय और एशियाई रिकॉर्ड बनाए थे।
पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) ने इस मामले पर सख्त बयान जारी किया है। PCI ने कहा है कि कमेटी किसी भी तरह के यौन दुराचार के प्रति जीरो-टॉलरेंस नीति रखती है। हर सदस्य से उच्चतम आचरण और अनुशासन की उम्मीद की जाती है।
PCI के Chef de Mission ने इस मामले में सबसे सख्त कार्रवाई, जिसमें आजीवन प्रतिबंध भी शामिल है, की सिफारिश की है। PCI ने कहा है कि एथलीट को भारत भेज दिया गया है। आगे की कार्रवाई एशियन पैरा गेम्स समाप्त होने के बाद नियमों के अनुसार की जाएगी।
PCI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसे निंदनीय और असहनीय बताते हुए कहा कि देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी के ऐसे व्यवहार का कोई औचित्य नहीं है।
फिलहाल जापान पुलिस की पूछताछ के बाद उन्हें वापस भेजा गया है, आरोपों पर अंतिम न्यायिक निर्णय बाकी है और PCI की अनुशासनात्मक प्रक्रिया जारी है। इस संबंध में शम्स आलम का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका है।



