
साल में एक बार खुलता है विश्व धरोहर में शामिल नेपाल का तलेजु भवानी मंदिर, दर्शन के लिए उमड़ी हजारों भक्तों की भीड़
विशेष पूजा के दौरान 54 बकरों और 54 भैंसों की बलि देकर देवी की आराधना की गई
काठमांडू- 20 अक्टूबर। विश्व धरोहर सूची में शामिल हनुमानढोका दरबार क्षेत्र स्थित तलेजु भवानी मंदिर में आज सुबह से ही भक्तों का सैलाब उमड़ा हुआ है। आम श्रद्धालुओं के लिए साल में केवल एक दिन खुलने वाले इस मंदिर के कपाट आज मंगलवार सुबह 5 बजे खोल दिए गए, लेकिन उससे पहले ही दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लग गई थीं। हनुमानढोका दरबार प्रबंधन कार्यालय की प्रमुख जयंती श्रेष्ठ प्रधान ने बताया कि आज सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे तक पूजा और दर्शन की व्यवस्था की गई है।
यह मंदिर हर साल शारदीय नवरात्र की महानवमी के अवसर पर ही आम लोगों के लिए खोला जाता है। कोरोना महामारी के कारण वर्ष 2020 में यह परंपरा टूट गई थी, जब मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए नहीं खुल पाया था। आश्विन शुक्ल नवमी यानी महानवमी के दिन खुलने वाले इस मंदिर में हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
नेपाल पंचांग निर्णायक विकास समिति द्वारा निर्धारित शुभ मुहूर्त के अनुसार, तुलजा भवानी को गत शनिवार सुबह 7:37 बजे हनुमानढोका दरबार क्षेत्र के मूलचोक में लाया गया था। उसी दिन सुबह 10:39 बजे उन्हें निर्धारित आसन पर विराजमान कराया गया।
तलेजु भवानी को मूलचोक में ही विराजमान रखकर महाअष्टमी की रात कालरात्रि पूजा की गई। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, इस विशेष पूजा के दौरान 54 बकरों और 54 भैंसों की बलि देकर देवी की आराधना की गई।
विजयादशमी तक तलेजु भवानी को मूलचोक में ही रखकर पूजा-अर्चना की जाएगी। बुधवार को विजयादशमी के दिन समिति द्वारा निर्धारित शुभ मुहूर्त के अनुसार सुबह 10:51 बजे देवी की यात्रा निकाली जाएगी। उसके बाद सुबह 11:52 बजे तलेजु भवानी को उनके मूल मंदिर में पुनः निर्धारित आसन पर विराजमान कराया जाएगा।



