
MADHUBANI:- करोड़ों खर्च, फिर भी प्यासे गांव: बसुआरी, कोसी, भुतही में महीनों से ठप है नल जल, दूषित पानी से बढ़ा बीमारी का प्रकोप
मधुबनी- 25 सितंबर। जिले में हर घर नल जल योजना की जमीनी हकीकत बेहद खराब है। ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। घोघरडीहा प्रखंड के बसुआरी, कोसी, भुतही सहित सभी पंचायतों के अधिकांश वार्डों में नलों से पानी नहीं आ रहा है और जहां आ रहा है, वह पीने योग्य नहीं है।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष (कार्यक्रम प्रकोष्ठ) सह मिथलांचल संघर्ष समिति के अध्यक्ष इंजी. गौरीशंकर यादव ने कहा कि सरकार करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा कर रही है, लेकिन धरातल पर लोगों को शुद्ध पेयजल तक नसीब नहीं हो रहा है। घोघरडीहा में यह योजना सिर्फ कागजों पर चल रही है।
उन्होंने कहा कि पंचायतों के अधिकांश वार्डों में महीनों से जलापूर्ति ठप है। सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि जलापूर्ति से पहले पानी की लैब जांच तक नहीं कराई जा रही है। बिना जांच के ही दूषित, आयरन और आर्सेनिक युक्त पानी सीधे लोगों के घरों में भेजा जा रहा है।
इंजी. यादव ने बताया कि यह दूषित पानी पीने से लोग गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। क्षेत्र में पेट दर्द, डायरिया, पीलिया, टाइफाइड, त्वचा रोग, किडनी संक्रमण जैसी बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। मजबूरी में लोग यही पानी पीने को विवश हैं।
उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी संवेदकों और अधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा अविलंब सभी वार्डों में शुद्ध जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द शुद्ध जलापूर्ति बहाल नहीं हुई तो इस मुद्दे को लेकर बड़ा जन-आंदोलन किया जाएगा।



