
संसद, लोकतंत्र और जवाबदेही से चलेगा देश, सड़क की अराजकता से नहीं: रविशंकर प्रसाद
नई दिल्ली- 10 अक्टूबर। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश संसद, लोकतंत्र और जवाबदेही से चलेगा, सड़क पर अराजकता से नहीं। पिछले तीन-चार दिनों में दिल्ली में जिस तरह विरोध-प्रदर्शन हुए, उससे साफ है कि विपक्ष अपनी हार छिपाने के लिए प्रदर्शन को हथियार बना रहा है।
शनिवार को पत्रकार वार्ता में श्री प्रसाद ने कहा कि हालिया चुनावी नतीजों में असम में भाजपा की जीत, नंदीग्राम में सफलता और पुडुचेरी में एनडीए की जीत ने विपक्ष की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 70 प्रतिशत से अधिक अल्पसंख्यक मतदाताओं वाले क्षेत्र में भी भाजपा 70 हजार से अधिक वोटों से जीती है। उन्होंने कहा कि पहले राहुल गांधी, फिर आम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी दल, उसके बाद ममता बनर्जी और वामपंथी दलों के नेता प्रदर्शन में शामिल हुए। यह राजनीतिक विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश है।
ईवीएम और एसआईआर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से विपक्ष ईवीएम पर सवाल उठा रहा है। जब विपक्ष जीतता है तो ईवीएम ठीक, भाजपा जीतती है तो सवाल। उन्होंने कहा कि देश में 9 बार से अधिक एसआईआर हो चुका है और यह कानून में प्रावधान है। मृत व्यक्तियों के नाम, स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम और एक व्यक्ति का कई जगह नाम होना गलत है। जो भारतीय नागरिक नहीं हैं, क्या उन्हें मतदाता सूची में होना चाहिए?
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी के बयान पर श्री
प्रसाद ने कहा कि राष्ट्रपति कार्यालय ने भी उनकी बातों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि भारत कोई बनाना रिपब्लिक नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत न झुका है, न झुकेगा। देश हित में फैसले लिए जाएंगे।
आपातकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी के समय राजनीतिक स्थिति बचाने के लिए आपातकाल लगाया गया था, जिसका वामपंथी दलों ने भी समर्थन किया था। भाजपा ने आपातकाल के खिलाफ संघर्ष किया है, इसलिए राहुल गांधी को उपदेश देने से पहले इतिहास याद करना चाहिए।



