
रक्षा मंत्री बोले- आधुनिक युद्ध में आत्मनिर्भरता ही असली ताकत
जोधपुर- 10 अक्टूबर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आधुनिक दौर में सुरक्षा का मतलब केवल सीमा की रक्षा करना नहीं, बल्कि नई तकनीकों और आत्मनिर्भरता के बल पर वैश्विक स्तर पर खुद को मजबूत बनाना भी है। कोई भी देश लंबे समय तक युद्ध नहीं लड़ सकता, जब तक वह अपने हथियार और महत्वपूर्ण तकनीक खुद न बनाता हो। इसी सोच ने भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय नीति बनाने के लिए प्रेरित किया है।
सिंह शनिवार को एयरफोर्स स्टेशन पर वायुसेना के युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति’ में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि हमने ध्रुव, प्रचंड सहित कई स्वदेशी प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं। समय बदल रहा है। हवा और समुद्र के अलावा साइबर, स्पेस और इंफॉर्मेशन वारफेयर न्यू नॉर्मल बन गया है। महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों और चेक प्वाइंट्स को हथियार बनाया जा रहा है। अनमैन्ड सिस्टम का उपयोग बढ़ा है। भारत अपने क्षेत्र और उससे परे के घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रहा है।
उन्होंने कहा कि ड्रोन, बिना पायलट वाले सिस्टम और एआई ने मिलिट्री ऑपरेशन की रफ्तार और तरीका बदल दिया है। लंबी दूरी तक सटीक मार करने वाले हथियारों ने युद्ध का दायरा बढ़ा दिया है। आने वाले समय में सैन्य ताकत प्लेटफॉर्म की संख्या पर नहीं, बल्कि डेटा एनालिसिस और त्वरित फैसले लेने की क्षमता पर निर्भर करेगी।
इससे पहले जोधपुर पहुंचने पर वायुसेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने रक्षा मंत्री की अगवानी की। रक्षा मंत्री ने विभिन्न देशों के वायुसेना अधिकारियों से मुलाकात की और विदेशी लड़ाकू विमानों का अवलोकन किया। इस दौरान पूर्व नरेश गजसिंह भी मौजूद रहे।
रक्षा मंत्री के आगमन पर भारत के सुखोई की अगुवाई में अमेरिका के एफ-35, फ्रांस के राफेल, यूएई के एफ-16, स्वदेशी तेजस सहित अन्य विमानों ने तरंग फॉर्मेशन का प्रदर्शन किया। ग्रुप कैप्टन सम्राट ने तेजस से कलाबाजियां दिखाईं। 10 मिनट के शो में तेजस ने भारत की विमानन आत्मनिर्भरता का प्रदर्शन किया। कैप्टन अनुभव महिंद्रा ने स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर प्रचंड की क्षमताओं का प्रदर्शन किया, जो 5 हजार घंटे की उड़ान पूरी कर चुका है।
सारंग और सूर्यकिरण का प्रदर्शन—
कैप्टन अभिजीत कुमार के नेतृत्व में हेलीकॉप्टर एरोबेटिक टीम सारंग ने 200 फीट से कम ऊंचाई पर तिरंगे के रंगों में धुआं छोड़ते हुए फॉर्मेशन दिखाए। इसके बाद हॉक विमानों की टीम सूर्यकिरण ने हैरतअंगेज करतब दिखाए।
बाद में रक्षा मंत्री ने विदेशी सैन्य अधिकारियों के साथ वैश्विक शांति और रणनीतिक स्थिरता में संयुक्त अभ्यासों की भूमिका पर चर्चा की।



