
निविदा में गड़बड़ी पर अधिकारी और ठेकेदार दोनों पर होगी कार्रवाई, मंत्री नीतीश मिश्रा का सख्त फरमान
पटना- 07 अक्टूबर। नगर विकास एवं आवास विभाग में टेंडर घोटालों पर लगाम कसने के लिए मंत्री नीतीश मिश्रा ने सख्त रुख अपनाया है। मंत्री ने विभाग के सभी नगर आयुक्तों, कार्यपालक पदाधिकारियों और मुख्य अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया है कि निविदा प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए जीरो टॉलरेंस की नीति लागू होगी। मंत्री मिश्रा ने कहा कि सरकार की मंशा साफ है कि हर योजना में पारदर्शिता और गुणवत्ता बहाल रखना। जनता के पैसे का दुरुपयोग किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।
मंत्री ने जारी किए कड़े निर्देश—
किसी भी निविदा के निस्तारण से पहले निविदादाता द्वारा जमा किए गए सभी दस्तावेजों, अनुभव प्रमाण पत्र, टर्नओवर, GST, EPF की गहन जांच और सत्यापन हर हाल में कराया जाए। बिना सत्यापन के वर्क ऑर्डर जारी नहीं होगा।
अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो सिर्फ निविदादाता ही नहीं, बल्कि संबंधित सहायक अभियंता, कार्यपालक अभियंता और पदाधिकारी भी बराबर के जिम्मेदार होंगे। टेंडर में गड़बड़ी, कम दर पर टेंडर देकर बाद में एस्टीमेट बढ़ाने, या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर हासिल करने के मामलों में विभागीय विजिलेंस जांच होगी।
जांच में अनियमितता की पुष्टि होने पर संबंधित पदाधिकारी का उत्तरदायित्व निर्धारित कर निलंबन से लेकर प्राथमिकी तक की कार्रवाई की जाएगी, वहीं संबंधित फर्म को काली सूची में डाला जाएगा।
बताया जाता है कि हाल में कई नगर निकायों में एक ही ठेकेदार को बार-बार टेंडर मिलने, फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और तकनीकी मूल्यांकन में गड़बड़ी की शिकायतें मंत्री के पास पहुंची थीं, जिसके बाद यह सख्त आदेश जारी किया गया है।



