
भगवान के मंदिर भी सुरक्षित नहीं! मधुबनी के मंदिरों में चोरी का सिलसिला, मूर्ति-आभूषण बरामदगी में पुलिस फेल
मधुबनी- 07 अक्टूबर। जिले में अब भगवान का घर भी सुरक्षित नहीं रहा। चोरों ने आस्था को निशाना बनाना शुरू कर दिया। ताला तोड़ना, पुजारी को बंधक बनाना और करोड़ों की अष्टधातु की मूर्तियां लूट लेना अब पैटर्न बन गया है। हर वारदात के बाद FSL, डॉग स्क्वायड आता है, आश्वासन मिलता है, लेकिन बरामदगी जीरो रहती है। पिछले कई सालों में जिले के बड़े सिद्धपीठों पर संगठित तरीके से चोरी की घटना हुई है।
भद्रकाली से मुकुट गायब, धरना भी बेअसर—
राजनगर के कोइलख स्थित सिद्धपीठ मां भद्रकाली मंदिर से पिछले दीवाली के बाद करीब 20 लाख मूल्य के सोने का मुकुट, चांदी की छत्र चोरी हो गई। ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरना दिया, लेकिन आज तक एक भी सामान बरामद नहीं हुआ।
शहर से गांव तक एक ही हाल—
शहर के मुरली मनोहर मंदिर और मंगरौनी स्थित सिद्धपीठ बूढ़ी माई मंदिर से माता के आभूषण और दानपेटी की नकदी पर हाथ साफ हुआ।
उगना महादेव मंदिर में चोरी की पूरी वारदात CCTV में कैद—
पंडौल के भवानीपुर स्थित बाबा उगना महादेव मंदिर में चोरी की पूरी वारदात CCTV में कैद हो गई। रात 2 बजे दो युवक ताला तोड़ते दिखे, फिर भी पहचान नहीं हो पाई। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले साल भी चोरी हुई थी, लेकिन रात्रि गश्ती नहीं बढ़ी।
फुलपरास के बेलहा दुर्गा मंदिर में चोरों ने पहले अलाव जलाकर ठंड भगाई, फिर दानपेटी उड़ा ले गए।
पुजारी को बंधक बना करोड़ों की मूर्ति लूट—
सबसे दुस्साहसी वारदात बेनीपट्टी के बनकट्टा और खजौली के ठाहर में हुई। हथियारबंद चोरों ने पुजारी को बंधक बना 150 साल पुरानी अष्टधातु की मूर्तियां लूट लीं।
मां परमेश्वरी मंदिर से चोरी—
झंझारपुर के अंधराठाढ़ी में पहले सिद्धपीठ मां परमेश्वरी मंदिर से चांदी का मुकुट और आंखें चोरी हुईं, फिर उसी इलाके के सूर्य मंदिर की दानपेटी तोड़ दी गई। हरलाखी और बेनीपट्टी के उच्चैठ भगवती मंदिर में चोर CCTV का केबल काटकर दानपेटी ले गए।
मंदिरों की सुरक्षा में पुलिस विफल, बड़े मामलों का उद्भेदन आज भी शून्य—
कपिलेश्वर, सोमनाथ, उगना जैसे सैकड़ों प्राचीन मंदिरों वाले जिले में अधिकांश मंदिरों की सुरक्षा में पुलिस विफल रही है। बड़े मामलों का उद्भेदन आज भी शून्य है। जब तक मंदिरों की सुरक्षा का स्थायी ब्लू प्रिंट नहीं बनता, आस्था पर डाका पड़ता रहेगा।



