
मलमास 2026: 17 मई से 15 जून तक मलमास में विवाह, मुंडन, जनेऊ जैसे मांगलिक कार्य पर ब्रेक
मधुबनी- 13 मई। मिथिला पंचांग के मुताबिक साल 2026 में मलमास की शुरुआत 17 मई से होने जा रही है। 15 जून तक मलमास मास में विवाह, मुंडन, जनेऊ संस्कार, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित होगा। नए शोरूम, दुकान, नए कारोबार की शुरुआत नहीं करना चाहिए। नए घर में प्रवेश, नींव और शिलान्यास के लिए अशुभ माना जाता है।
इसकी जानकारी देते हुए प्रसिद्ध फेस रीडर सह ज्योतिषाचार्य पं. शंभूनाथ झा ने बताया कि मलमास में मांगलिक कार्यों से भविष्य में कई तरह की समस्या आने की आशंका बनी रहती है। पंचांग के अनुसार मलमास अवधि में सूर्य की गति धीमी हो जाती है। जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश बाधित होने पर उस समय को मलमास माह माना जाता है। जिसे धार्मिक दृष्टि से शुभ कामों के लिए वर्जित माना गया है। उन्होंने बताया कि मलमास का महीना भगवान विष्णु को समर्पित है। इसे ‘पुरुषोत्तम मास’ कहा जाता हैं। ऐसे में भगवान विष्णु की पूजा करना चाहिए।
‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप करना चाहिए। इससे मानसिक शांति मिलती है। इस महीने में अन्न, जल, तिल का दान करना चाहिए। इस माह में तामसिक भोजन से दूर रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि 17 मई से 15 जून तक मलमास से मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी। मलमास बाद बनारसी पंचांग के अनुसार विवाह का शुभ मुहूर्त जून 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 27, 28, 29 तथा जुलाई 1, 2, 6, 7, 8, 12 को होगा। वहीं, मिथिला पंचांग के मुताबिक विवाह का शुभ मुहूर्त जून 19, 24, 25, 26, 28, 29 तथा जुलाई 1, 2, 3, 6, 9, 12 होगा।



