बिहार

बिहटा में एमएसएमई प्रौद्योगिकी केंद्र के उद्घाटन से ‘मेक इन बिहार’ को मिलेगी नई रफ्तार: CM सम्राट

पटना- 28 अप्रैल। बिहार के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने की पहल के तहत मंगलवार को पटना के बिहटा में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) प्रौद्योगिकी केंद्र का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संयुक्त रूप से केंद्र का शुभारंभ किया। यह केंद्र राज्य में तकनीकी प्रशिक्षण, रोजगार सृजन और उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि आज का दिन बिहार के औद्योगिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि बिहटा में स्थापित यह प्रौद्योगिकी केंद्र और इसके विस्तार केंद्र आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं और उद्यमियों को सशक्त बनाएंगे। इससे उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने इसे ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में एक ठोस पहल बताया।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि यह टेक्नोलॉजी सेंटर ‘मेक इन बिहार’ के विजन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार तेजी से औद्योगिक प्रगति की ओर अग्रसर है और यह केंद्र उस परिवर्तन का सशक्त प्रतीक बनेगा। राज्य सरकार का लक्ष्य युवाओं को बेहतर कौशल, आधुनिक संसाधन और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे केवल रोजगार पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजक भी बन सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र निवेश, नवाचार और उद्यमिता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। बिहटा में स्थित यह प्रौद्योगिकी केंद्र अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे से सुसज्जित है, जो इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षेत्रों को मजबूती प्रदान करेगा। साथ ही बिहार की पारंपरिक अर्थव्यवस्था को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, ग्रामोद्योग विकास योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के लाभार्थियों को विभिन्न सहायता प्रदान की गई। पीएम विश्वकर्मा योजना और ग्रामोद्योग विकास योजना के लाभार्थियों को टूलकिट वितरित किए गए, जबकि पीएमईजीपी योजना के लाभार्थियों को चेक सौंपे गए। इसके अलावा एससी/एसटी हब योजना के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए। इन योजनाओं के माध्यम से जमीनी स्तर पर स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।

उद्योग विभाग, बिहार सरकार लगातार इस प्रकार की पहलों के माध्यम से राज्य में औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने, निवेश आकर्षित करने और व्यापक स्तर पर रोजगार सृजन सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य कर रहा है।

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