
MADHUBANI:- पंडौल के सागरपुर श्मशान की जमीन की केवाला निरस्त करने को होगा आंदोलन, बढ़ रहा आक्रोश
मधुबनी- 19 अप्रैल। पंडौल प्रखंड के सागरपुर स्थित दशकों से चली आ रही श्मशान की भूमि पर चल रहे मकान निर्माण को लेकर महादलित समुदाय में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बता दें कि श्मशान की जमीन पर दशकों पूर्व निर्माण कराए गए परंपरागत जलस्त्रोत कुआं के सटे एक मकान का निर्माण किया जा रहा है। जबकि कुआं का जीर्णोद्धार नहीं कराया जा रहा है। स्थानीय महादलित समुदाय के लोगों ने बताया कि कई साल पूर्व श्मशान की भूमि को कंटीले तार से घेराबंदी की गई थी। लेकिन कुआं के उत्तर की जमीन पर घेराबंदी नहीं किया गया गया। जिसपर फिलहाल स्थानीय एक होटल संचालक द्वारा निर्माण कार्य किया जा रहा है। जिससे महादलित समुदाय में आक्रोश गहराता जा रहा है। लोगों ने बताया कि यहां करीब चार कट्ठा जमीन एक ब्राह्मण परिवार द्वारा दशकों पूर्व श्मशान के रुप में उपयोग करने के लिए दिया गया था।
उक्त जमीन पर शव का अंतिम संस्कार कार्य किया जाता था। यहां श्मशान का बोर्ड भी लगाया गया है। लोगों ने बताया कि श्मशान की जमीन किसी व्यक्ति के नाम केवाला नहीं हो सकता है। इसके बाद भी स्थानीय चार लोगों ने श्मशान की जमीन केवाला करा लिया गया है।सभी केवाला को निरस्त कराने की तैयारी चल रही है। इस श्मशान की भूमि की घेराबंदी की मांग को लेकर साल 2022 में सागरपुर पेट्रोल पंप के पास स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर विरोध जता चुके है। इससे पहले भी सड़क जाम किया गया था। सड़क जाम के दौरान पंडौल के अंचलाधिकारी सहित अन्य वरीय पदाधिकारियों ने इस मामले का निष्पादन का आश्वासन दिया गया था। लेकिन चार साल बित जाने के बाद भी श्मशान की भूमि की घेराबंदी नहीं किया जा सका है। बल्कि केवाला कराए गए लोगों को जमीन पर निर्माण कार्य की खुली छूट दे दी गई।
प्रशासन भू-माफिया के दवाब में आकर निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगा रही है। जबकि लगातार श्मशान कि भूमि की घेराबंदी करने की मांग करते रहे है। श्मशान की भूमि पर निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगाने और जमीन की घेराबंदी की मांग को लेकर आंदोलन शुरु किया जाएगा।



