
MADHUBANI: देवहार के मुक्तेश्वर मंदिर से 1500 साल पुरानी मूर्तियां गायब, मामला CM सहयोग पोर्टल पर पहुंचा
मधुबनी- 26 अक्टूबर। अंधराठाढ़ी के देवहार स्थित प्राचीन मुक्तेश्वर महादेव मंदिर से तीन दुर्लभ पुरावशेष गायब होने का मामला अब मुख्यमंत्री सहयोग पोर्टल पर पहुंच गया है। आज इस संबंध में आवेदन पोर्टल पर अपलोड किया गया है। मिथिला ललित संग्रहालय सौराठ के पूर्व सह संग्रहालयाध्यक्ष शिव कुमार मिश्र ने CM से दोषियों पर FIR और कार्रवाई की मांग की है।
1500 साल पुरानी विष्णु प्रतिमा गायब: 2016 में मंदिर के पश्चिम वाले तालाब से गुप्तकालीन विष्णु की दुर्लभ प्रतिमा मिली थी। 2017 में इस पर शोध के लिए अमेरिका के शिकागो की नॉर्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. रौब लिनरौथ भी आए थे। 12वीं सदी की दुर्गा प्रतिमा गायब: मंदिर के पूरब वाले टीले से मिली कर्णाटवंशी काल की महिषासुरमर्दिनी दुर्गा प्रतिमा। विष्णु पादपीठ गायब: सामने वाले तालाब से मिली पादपीठ जिस पर विष्णु, लक्ष्मी, सरस्वती के पैरों के निशान थे।
आरोप है कि ये तीनों पुरावशेष मंदिर के पंडों द्वारा गायब कर दिए गए हैं। आवेदक का कहना है कि 23 अक्टूबर को DM, SP और अंधराठाढ़ी थाना को आवेदन दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद आज मामला मुख्यमंत्री के सहयोग पोर्टल पर डाला गया है।
उन्होंने बताया कि मुक्तेश्वर धाम का इतिहास बहुत प्राचीन है, यहीं से राजा हरिसिंह देव ने 14वीं सदी में मिथिला पंजी प्रबंध की शुरुआत की थी। प्राचीन शिवलिंग पहले ही नष्ट हो चुका है, अब मूर्तियां गायब होना ऐतिहासिक विरासत को मिटाने जैसा अक्षम्य अपराध है।



