
BIHAR:- भागलपुर में शिक्षा विभाग का कामकाज ठप, 2 बड़े अधिकारी निलंबित होने से कार्यालय में सन्नाटा
भागलपुर- 24 अक्टूबर। जिले के सुल्तानगंज प्रखंड में फर्जी विशिष्ट शिक्षिका तनुश्री के नाम पर एचआरएमएस पोर्टल के जरिए 98.12 लाख रुपये से अधिक के अवैध वेतन भुगतान और गबन मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है, जिसके बाद जिला शिक्षा कार्यालय का कामकाज पूरी तरह चरमरा गया है।
विभाग के निदेशक (प्रशासन) विजय कुमार पांडेय द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी चंदन कुमार और डीपीओ स्थापना शशि चंदन चौधरी को निलंबित किए जाने के बाद पूरा कार्यालय नेतृत्वविहीन हो गया है। निलंबन अवधि के दौरान डीईओ का मुख्यालय पूर्णिया और डीपीओ का मुख्यालय दरभंगा निर्धारित किया गया है।
एक अधिकारी पर पांच विभागों का बोझ—
इस दंडात्मक कार्रवाई के बाद विभाग में अधिकारियों का घोर टोटा हो गया है। स्वीकृत पांच पदों के मुकाबले कार्यालय में पहले से ही सिर्फ दो कार्यक्रम पदाधिकारी कार्यरत थे। अब डीपीओ स्थापना के निलंबन के बाद पूरे जिले का भार अकेले डीपीओ महेश प्रसाद के कंधों पर आ गया है। उन पर वर्तमान में सर्व शिक्षा अभियान, स्थापना, योजना लेखा, माध्यमिक शिक्षा और साक्षरता संभाग की सामूहिक जिम्मेदारी है।
एक ही अधिकारी होने से महत्वपूर्ण वित्तीय और प्रशासनिक फाइलों की गति थम गई है। पिछले दो दिनों से जिला शिक्षा कार्यालय में सन्नाटा पसरा है। वेतन विसंगति, सर्विस बुक सुधार, एरियर भुगतान और एनओसी जैसे कार्यों के लिए सुदूर प्रखंडों से आ रहे शिक्षकों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
नई तैनाती की मांग तेज—
संकट को देखते हुए शिक्षक संघों ने उच्चाधिकारियों से तुरंत पूर्णकालिक डीईओ और डीपीओ स्थापना की नियुक्ति की मांग की है। सूत्रों के अनुसार पटना मुख्यालय में नए अधिकारियों के नामों पर विचार शुरू हो गया है और अगले कुछ दिनों में नए प्रभार की अधिसूचना जारी होने की संभावना है। वर्तमान में विभाग के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं। ठप पड़े प्रशासनिक कामकाज को पटरी पर लाना और 98 लाख के फर्जी वेतन भुगतान की जांच को आगे बढ़ाना। दस्तावेज सत्यापन और मुख्यालय की समीक्षा के बाद ही भुगतान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।



