
बिहार में भी होगा UPI चार्ज का विरोध, 2000 से ज्यादा के पेमेंट पर बढ़ेगी 2% महंगाई: अमरेन्द्र चौरसिया
मधुबनी- 24 सितंबर। केंद्र सरकार द्वारा 2000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर प्रस्तावित 0.4% MDR चार्ज के विरोध में अब बिहार में भी आंदोलन की सुगबुगाहट शुरु हो गई है। बिहार व्यापारी एसोसिएशन के नेतृत्व में इस मुद्दे पर राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने की तैयारी चल रही है।
एसोसिएशन के वरिष्ठ नेता अमरेन्द्र चौरसिया ने कहा कि केंद्र सरकार का यह फैसला सीधे तौर पर छोटे व्यापारियों और आम जनता की जेब पर डाका है।सरकार का यह हिडन एजेंडा है। UPI को पहले फ्री में प्रमोट किया। अब उस पर मर्चेंट टैक्स रेट वसूला जा रहा है। 15 अक्टूबर से अगर यह लागू हुआ तो महंगाई 2% तक बढ़ना तय है। थोक कारोबार में 90% लेनदेन 2000 से ऊपर का होता है, एक तेल का जार ही 2200 का है, ऐसे में रोज 10 ट्रांजेक्शन पर 3000 का बोझ कौन झेलेगा।
बिहार में ‘नो-UPI डे’ मनाया जाएगा—
चौरसिया ने बताया कि बिहार व्यापारी एसोसिएशन के तत्वावधान में जल्द ही ‘नो-UPI डे’ मनाया जाएगा। इसके तहत 2000 से ज्यादा के UPI पेमेंट लेने से इनकार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापारियों का विरोध UPI से नहीं, बल्कि MDR के नाम पर लग रहे अतिरिक्त शुल्क से है। अगर पैसा व्यापारी से ही लेना है तो सरकार इसे साफ तौर पर ‘मर्चेंट टैक्स रेट’ कहे। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव के अनुसार 15 अक्टूबर से व्यक्ति से व्यापारी (P2M) को 2000 से ज्यादा के UPI भुगतान पर 0.4% शुल्क लगेगा, जो 75 हजार या उससे ज्यादा पर अधिकतम 300 रुपये तक होगा।
मध्य प्रदेश में व्यापारियों ने UPI का पुतला लटका कर विरोध जताया—
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में इसी के विरोध में व्यापारियों ने UPI पुतला लटका कर विरोध जताया है, अब बिहार में भी आंदोलन होने वाला है। यही मोदी जी के अच्छे दिन हैं? गैस, पेट्रोल, डीजल सब महंगा हो गया है। जब UPI बड़े पैमाने पर लोग इस्तेमाल करने लगे हैं तो 2000 से ऊपर के लेनदेन पर फीस लगाई जा रही है। जनता पहले से महंगाई से परेशान है, ऐसे फैसलों से उसकी मुश्किलें और बढ़ेंगी। ATM से पैसे निकालने पर भी एक्स्ट्रा चार्ज, अब UPI पर भी चार्ज, नोटबंदी के समय काला धन खत्म करने का वादा किया था, उसका भी अपेक्षित परिणाम नहीं मिला।डिजिटल इंडिया के नाम पर बैंकिंग शुल्क, टैक्स, GST, सेस का बोझ लोगों पर लगातार बढ़ाया जा रहा है, UPI पर चार्ज उसी का हिस्सा है। सरकार कह रही है कि यह ग्राहक से वसूला जाने वाला टैक्स नहीं है, बल्कि व्यापारी से बैंकों, पेमेंट कंपनियों के बीच का 0.4% मेंटेनेंस चार्ज है, जो 15 अक्टूबर से लागू होगा।



