
MOTIHARI:- चरस तस्करी मामले में 10 साल की सजा, 2 लाख का जुर्माना
मोतिहारी- 19 सितंबर। पूर्वी चंपारण में एनडीपीएस कोर्ट ने चरस तस्करी के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) न्यायालय प्रथम की विशेष न्यायाधीश रेशमा वर्मा ने दोषी अभियुक्त को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 2 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
न्यायालय ने कहा कि अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर अभियुक्त को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, सजायाफ्ता अभियुक्त नेपाल के बारा जिले के गमर गामा निवासी राजेंद्र मंडल का पुत्र अनोज कुमार है। इस मामले में रक्सौल सहदेवा कैंप एसएसबी के सहायक उप निरीक्षक बालकृष्ण त्रिवेदी के आवेदन पर रक्सौल थाना कांड संख्या 227/2023 दर्ज किया गया था।
प्राथमिकी के अनुसार, 10 मई 2023 की सुबह सूचना मिली थी कि नेपाल से मादक पदार्थ लेकर कुछ तस्कर भारत-नेपाल सीमा स्तंभ संख्या 390/98 के रास्ते भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने वाले हैं। सूचना के आधार पर एसएसबी जवानों ने विशेष नाका लगाया।
लगभग 6:30 बजे एक युवक सफेद रंग का झोला लेकर आता दिखाई दिया। सुरक्षा बलों को देखते ही वह नेपाल की ओर भागने लगा, जिसे जवानों ने पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके झोले से प्लास्टिक में सिले चार छोटे-छोटे बंडलों में कुल 1.150 किलोग्राम चरस बरामद की गई।
मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक डॉ. शंभू शरण सिंह ने अभियोजन की ओर से सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20(बी)ii (सी) एवं 23(सी) के तहत दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई।



