
कोलंबो के ज्योतिष सिम्पोजियम में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे डॉ. राजनाथ झा
मधुबनी- 29 अगस्त। बिहार की ज्योतिष परंपरा के संवाहक और ज्योतिर्वेद विज्ञान संस्थान के निदेशक मधुबनी के लखनौर प्रखंड के दीप निवासी डॉ. राजनाथ झा आगामी 07 से 11 सितंबर तक श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सिम्पोजियम में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे। कोलंबो के होटल सिन्नामोन बीच रिसॉर्ट में आयोजित हो रहा है।
सिम्पोजियम में डॉ. झा निर्धारित विषय *’What is Future of Astrology and Future of Astrologers’* (ज्योतिष और ज्योतिषियों का भविष्य क्या है) पर अपना व्याख्यान देंगे।
एमिनेंट स्कॉलर (प्रसिद्ध विद्वान) के रूप में आमंत्रित डॉ. झा को ज्योतिष के क्षेत्र में शोधपूर्ण विशिष्ट कार्य के लिए 8 सितंबर को डॉ. राजनाथ झा लाइव टॉक शो एंड डिबेट का हिस्सा बनेंगे। यहाँ भी वे ज्योतिष विद्या एवं ज्योतिषियों के भविष्य पर अपना तर्क प्रस्तुत करेंगे। एक जिज्ञासा के उत्तर में डॉ. झा ने कहा कि काल की जो स्थिति और गति है, वह ज्योतिष विद्या और ज्योतिषी दोनों के लिए उज्ज्वल भविष्य का संकेत कर रही है। यह शाश्वत विद्या है, इसीलिए इसका भविष्य भी उन्नत रहेगा।
उन्होंने कहा कि भारत के वेद, उपनिषद और ज्योतिष ही उसका आधार हैं, इन्हीं के आधार पर ‘विश्वगुरु भारत’ की पुनः प्रतिष्ठा संभव है।
वैदिक ज्योतिष भारत की आत्मा है। यह भविष्य का संकेत देता है, जीवन और प्रकृति के रहस्यों को उजागर करता है। ज्योतिष कोई तांत्रिक कल्पना नहीं, बल्कि काल, ब्रह्मांड और जीव के बीच संवाद की वैज्ञानिक भाषा है। सूर्य, चंद्र, नक्षत्रों और ग्रहों की गतियों के आधार पर भूकंप, चक्रवात और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व सूचना प्राप्त की जा सकती है।



