
MADHUBANI:- रक्षाबंधन पर बिक रहा जहर, मिलावटी और सिंथेटिक मिठाई से सावधान!
मधुबनी – 27 अगस्त। रक्षाबंधन पर मिठाइयों की मांग बढ़ते ही मुनाफाखोरों ने सेहत से खिलवाड़ शुरू कर दिया है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक दुकानों पर खुलेआम मिलावटी, सिंथेटिक और बासी मिठाइयां बेची जा रही हैं, लेकिन फूड विभाग की कोई कार्रवाई नहीं दिख रही है। त्योहार प्यार का है, बीमारी का नहीं। इस रक्षाबंधन मिठाई देखकर नहीं, परख कर खरीदें।
गंगासागर चौक बना हब—
शहर के गंगासागर चौक स्थित एक रेडिमेड मिठाई दुकान पर सबसे ज्यादा खेल हो रहा है। यहां मुजफ्फरपुर, पटना से लाई गई तैयार डोडा बर्फी, काजू कतली, सोनपापड़ी, बेसन लड्डू, बुंदिया, पेड़ा, गुलाब जामुन और रसगुल्ला धड़ल्ले से बेचा जा रहा है।
कार्रवाई नहीं, हौसले बुलंद—
मानव समृद्धि संस्थान के सचिव महेश चन्द्र झा ने कहा कि जिले में मिलावटी मिठाई की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे। इससे मिलावटखोरों के हौसले बुलंद हैं। जिला प्रशासन को अभियान चलाकर सभी मिठाई दुकानों की जांच करनी चाहिए।
बिल जरूर लें, नहीं तो शिकायत बेकार—
जानकारों की सलाह है कि जीभ पर चिपकने वाली, ज्यादा मीठी, जरूरत से ज्यादा सफेद रसगुल्ला या ज्यादा पीली मिठाई और घी की जगह तेल जैसी महक वाली मिठाई न खरीदें। बिना बिल के मिठाई कभी न लें, क्योंकि कार्रवाई के लिए बिल ही सबूत होता है।
मावा में यूरिया तो खोया में सिंथेटिक पनीर—
जानकारों के अनुसार मावा में यूरिया, डिटर्जेंट और स्टार्च, जबकि खोया की जगह सिंथेटिक पनीर और रिफाइंड ऑयल से मिठाइयां तैयार की जा रही हैं। रंग और खुशबू के लिए खतरनाक केमिकल कलर और बासी मिठाई पर नई चाशनी चढ़ाकर बेचना आम हो गया है।
बच्चों-बुजुर्गों के लिए है जहर—
प्रसिद्ध दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. उमेश श्रीवास्तव ने बताया कि मिलावटी मिठाई में इस्तेमाल केमिकल से फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त, लीवर-किडनी की समस्या और लंबे समय में कैंसर तक का खतरा है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह जहर से कम नहीं।



