
28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन लगेगा चंद्र ग्रहण, भारत में नहीं दिखेगा: पं. ऋषिनाथ झा
मधुबनी- 16 अगस्त। इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इसी दिन चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. ऋषिनाथ झा* ने बताया कि ज्योतिष गणना के अनुसार चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार सुबह 06 बजकर 53 मिनट* पर शुरू होगा और दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर समाप्त होगा। ग्रहण की कुल अवधि 05 घंटे 39 मिनट रहेगी।
पं. ऋषिनाथ झा ने कहा कि खगोल विज्ञान के अनुसार चंद्र ग्रहण से पहले सूतक काल शुरू होता है, जिसमें पूजा-पाठ और भोजन की मनाही होती है। लेकिन 28 अगस्त को लगने वाला आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। यह यूरोप, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और एशिया के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। भारत में दिखाई नहीं देगा।उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में दिखाई नहीं देने के कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।इसलिए रक्षाबंधन के सभी धार्मिक कार्य सामान्य रूप से किए जा सकेंगे। बहनों द्वारा भाई की कलाई पर राखी बांधना, पूजा-पाठ और भोजन सामान्य समय पर ही किए जा सकेंगे। मंदिरों के पट भी बंद नहीं होंगे।
पं. ऋषिनाथ झा के अनुसार `धार्मिक मान्यता है कि चंद्र ग्रहण के समय राहु और केतु चंद्रमा को ढकने का प्रयास करते हैं। इसे संकट का समय माना जाता है।
उन्होंने बताया कि ग्रहण के समय नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक रहता है। इस बार चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा शनि की कुंभ राशि और राहु के शतभिषा नक्षत्र में रहेंगे। ऐसे में चंद्रमा शनि और राहु के प्रभाव में रहेंगे।पं. ऋषिनाथ ने यह भी बताया कि इससे पूर्व इसी साल 3 मार्च को पूर्ण चंद्र ग्रहण लगा था।



