विश्व

भारत-इंडोनेशिया संबंधों का नया स्वर्णिम अध्याय शुरू, 21वीं सदी पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव: नरेन्द्र मोदी

जकार्ता- 07 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत और इंडोनेशिया के द्विपक्षीय संबंधों का नया स्वर्णिम अध्याय शुरू हो गया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव 21वीं सदी की दुनिया और पूरी मानवता पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी आज नई उड़ान भर रही है और दोनों देश विकास, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, संस्कृति तथा शिक्षा सहित हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रभुवो सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ता विश्वास रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग को नई मजबूती दे रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने रक्षा आदान-प्रदान, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनाई है। साथ ही दोनों देशों के तटरक्षक बल हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा और संरक्षा के लिए मिलकर कार्य करेंगे।

उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया ने ब्लू इकोनॉमी, बंदरगाह विकास और समुद्री व्यापार में सहयोग बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि को भी मजबूती प्रदान करेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीबी उन्मूलन और नागरिकों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना दोनों देशों की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत ने इंडोनेशिया के साथ अपनी मिड-डे मील योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अनुभव साझा किए हैं तथा अब इस सहयोग को अगले स्तर पर ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए समझौते से भारत की उच्च गुणवत्ता वाली और किफायती दवाइयां इंडोनेशिया के लोगों तक अधिक आसानी से पहुंच सकेंगी। भारत इंडोनेशियाई चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के क्षमता निर्माण में भी सहयोग करेगा।

उन्होंने बताया कि भारत में विकसित गेहूं के बीजों की आपूर्ति से इंडोनेशिया की खाद्य सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। दोनों देश टिकाऊ कृषि और कृषि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी श्रेष्ठ अनुभव साझा करेंगे।

प्रौद्योगिकी सहयोग पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी तकनीक आधारित सदी है और भारत तथा इंडोनेशिया युवा शक्ति से संपन्न देश हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), दूरसंचार, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और स्टार्टअप क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण समझौते किए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) बेंगलुरु इंडोनेशिया में अपना परिसर स्थापित करेगा, जिससे पूरे आसियान क्षेत्र के युवाओं को लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में दोनों देशों के बीच लंबे समय से विश्वसनीय सहयोग रहा है, जिसे आगे बढ़ाते हुए संयुक्त अनुसंधान, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षमता निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने बताया कि महत्वपूर्ण खनिजों और इस्पात क्षेत्र की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने के लिए भी समझौते हुए हैं। दोनों देशों की कंपनियां स्टेनलेस स्टील और रेयर अर्थ मैग्नेट के क्षेत्र में नई साझेदारी शुरू करेंगी।

उन्होंने कहा कि लोगों के बीच संपर्क दोनों देशों के संबंधों की सबसे बड़ी ताकत है। भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) प्रणाली को इंडोनेशिया की भुगतान व्यवस्था से जोड़ा जाएगा, जिससे व्यापार और यात्रा दोनों को सुविधा मिलेगी।

मोदी ने कहा कि वह राष्ट्रपति प्रभुवो के साथ योग्यकार्ता में एक हजार वर्ष से अधिक पुराने प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण परियोजना का शुभारंभ करेंगे, जो दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की ऐतिहासिक इंडोनेशिया यात्रा की शताब्दी को ‘टैगोर-देवांतरा सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कूटनीति वर्ष’ के रूप में मनाएंगे।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों और विविधता में एकता दोनों देशों की साझा ताकत है। दोनों देशों के निर्वाचन आयोगों के बीच हुए समझौते से लोकतांत्रिक सहयोग और मजबूत होगा।

वैश्विक मुद्दों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया का हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर दृष्टिकोण समान है और भारत हमेशा आसियान की केंद्रीय भूमिका का समर्थक रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक उथल-पुथल के दौर में संवाद और कूटनीति की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। फिलिस्तीन के मुद्दे पर भारत दो-राष्ट्र समाधान और दीर्घकालिक शांति का समर्थन करता है।

प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि साझा इतिहास, साझा विश्वास और साझा समृद्धि के आधार पर दोनों देश मिलकर इंडोनेशिया के ‘इंडोनेशिया एमास’ और भारत के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करेंगे।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button