क्राइम

अनुकंपा नौकरी और प्रॉपर्टी के लालच में बेटी ने कराई मां की हत्या

जयपुर- 07 जुलाई। प्रताप नगर थाना क्षेत्र में 4 जुलाई को सड़क हादसे में 45 वर्षीय महिला नीरज शर्मा की मौत का मामला पुलिस जांच में सुनियोजित हत्या निकला। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतका की बेटी आयुषी शर्मा (कुछ दस्तावेजों में भूमिका नाम भी सामने आया है) सहित सात आरोपिताें को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मां की सरकारी नौकरी पर अनुकंपा नियुक्ति और संपत्ति हासिल करने के लालच में बेटी ने अपने ताऊ, चचेरे भाई और अन्य साथियों के साथ मिलकर सात लाख रुपए की सुपारी देकर हत्या करवाई। मामले का मुख्य आरोपित बलराम उर्फ रवि अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

पुलिस उपायुक्त (जयपुर पूर्व) रंजीता शर्मा ने प्रारंभिक तौर पर यह मामला हिट एंड रन दुर्घटना का प्रतीत हो रहा था, लेकिन मृतका के भाई राकेश कुमार शर्मा ने हत्या की आशंका जताते हुए शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक जांच शुरू की।

डीसीपी ने बताया कि घटनास्थल का एफएसएल टीम से निरीक्षण कराया गया तथा आसपास लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर की सूचना के आधार पर एक संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन की पहचान हुई। बाद में वाहन लावारिस अवस्था में बरामद किया गया, जिस पर दुर्घटना और मिट्टी के स्पष्ट निशान मिले। इसके बाद पुलिस ने जयपुर, दौसा, भरतपुर, मथुरा और आगरा में दबिश देकर सात आरोपिताें को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपिताें ने करीब तीन महीने पहले ही महिला की हत्या की योजना बना ली थी। महिला की दिनचर्या और आने-जाने के रास्तों की रेकी करवाई गई। पहली बार हत्या का प्रयास भी किया गया, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण आरोपी सफल नहीं हो सके। इसके बाद सुनसान स्थान पर स्कॉर्पियो से पीछे से जोरदार टक्कर मारकर महिला की हत्या कर दी और इसे सड़क दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया।

पुलिस के अनुसार नीरज शर्मा के पति न्यायालय में एलडीसी पद पर कार्यरत थे। करीब एक वर्ष पहले उनके निधन के बाद नीरज शर्मा को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। जांच में सामने आया कि उनकी 24 वर्षीय बेटी आयुषी अपनी मां की मृत्यु के बाद वही नौकरी अपने नाम कराना चाहती थी। साथ ही वह परिवार की संपत्ति और बैंक खातों पर भी अधिकार चाहती थी। इसी लालच में उसने हत्या की साजिश रची।

पुलिस के अनुसार आयुषी ने अपने ताऊ मोहन शर्मा और चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। इसके बाद परिचित हेमंत को सात लाख रुपये में सुपारी दी गई। हेमंत ने अपने साथियों आकाश, अरविंद, रोहित और मोहित के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस आरोपिताें के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। अधिकांश आरोपित भरतपुर क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।

मृतका के भाई राकेश कुमार शर्मा को हादसे की कहानी पर संदेह हुआ। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी बहन लंबे समय से बेटी, जेठ और अन्य परिजनों द्वारा संपत्ति को लेकर प्रताड़ित किए जाने की बात कहती थी। इसी आधार पर पुलिस ने गहन जांच शुरू की, जिससे पूरा षड्यंत्र सामने आ गया।

पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त स्कॉर्पियो जब्त कर ली है। गिरफ्तार सातों आरोपिताें को न्यायालय में पेश किया गया। मुख्य आरोपित बलराम उर्फ रवि अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें राजस्थान सहित अन्य राज्यों में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

डीसीपी रंजीता शर्मा ने बताया कि पूरे ब्लाइंड मर्डर केस के खुलासे में पुलिस टीम ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी जांच का सहारा लिया। कांस्टेबल दयाराम और गणेश सहित पूरी जांच टीम की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button