
MADHUBANI:- शहर के चकदह 13 नंबर गुमती पर पुल की सरकारी भूमि अतिक्रमित, CO की कार्यशैली पर बड़ा सवाल
मधुबनी- 06 मई।मधुबनी शहर के 13 नंबर गोमती के निकट पुल की जमीन अतिक्रमित हो गई है। इससे राजनगर अंचलाधिकार की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। 13 नंबर गुमती स्थित कई सरकारी पुल की जमीन अतिक्रमित होने से इलाके के पानी का बहाव पिछले कई सालों से बाधित हो गया है। एक दशक पूर्व तक बारिश के पानी इसी पुल के नीचे होकर गुजरता था। लेकिन करोड़ों की लागत से पुल का निर्माण के बाद राजनगर अंचल के हाकिमों और राजस्व कर्मचारी की मिली-भगत से कई एकड सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं को अतिक्रमण की खुली छूट मिल गई। कभी रहिका तो कभी पंडौल और राजनगर अंचल में सालों से जमे एक राजस्व कर्मचारी जो निगरानी के हत्थे भी चढ़ चुका है, ने सरकारी जमीन का फर्जी कागजात के आधार पर पूर्व में ही अनेकों जमाबंदी कायम कर दिया गया। इसका एक उदहारण है कि साल 2014 के राजनगर अमीन के मापी प्रतिवेदन है। अमीन द्वारा राजनगर अंचल अधिकारी को समर्पित प्रतिवेदन मे रक्तता 0-9-8 धूर मे 2 कट्ठा 19 धूर स्थानीय लोगों द्वारा अतिक्रमण पाया गया था। सीएस खतियान के अनुसार खेसरा 2094 से सटे पूरब रखेारा 2475 बिहार सरकार की भूमि पर गड्ढा 7 कट्ठा 2 धूर खेखरा 2473 में पूरब की ओर मिट्टी भराई गई है। जबकि इस जमीन को अतिक्रमणकारी फर्जी कागजात के आधार पर अपना बता रहे है। जिससे सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने में पेज फंसा दिया जाता है। भू-माफियाओं को बढ़ावा देने वाले यह राजस्व कर्मी फिलहाल कई साल से राजनगर अंचल में कार्यरत है। इनके द्वारा भूमाफियाओं को सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की खुली छूट दे दी गई है। जानकारों के मुताबिक फर्जी कागजात के आधार पर भू-माफियाओं ने सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त शुरु कर दी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की समय इसकी शिकायत करने वालों पर अंचलाधिकारी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती रही है। बल्कि शिकायत करने वाले लोगों को ही डाट-फटकार की जाती है।लोगों का कहना है कि इस मामले और अतिक्रमित भूमि की जांच राजनगर अंचल अधिकारी की बजाय जिला के किसी वरीय अधिकारी से कराया जाना चाहिए, ताकि निष्पक्ष रूप से जांच कार्य हो सके और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्ति की कार्रवाई पूरा हो सके।



