
भद्रा और चंद्रग्रहण के चलते 4 मार्च को मनाई जाएगी होली, 2 मार्च को होगी होलिका दहन: पं. ऋषिनाथ झा
मधुबनी- 01 मार्च। आमतौर पर रंगों का त्योहार होली से एक दिन पूर्व होलिका दहन अनुष्ठान संपन्न होता रहा है। लेकिन इस साल होलिका दहन के दूसरे दिन होली नहीं मनाई जाएगी। यानी की होलिका दहन 2 मार्च को और होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। इसकी जानकारी देते हुए धार्मिक अनुष्ठान के जानकार पं. ऋषिनाथ झा ने बताया कि इस साल ऐसा भद्रा और चंद्रग्रहण के कारण हो रहा है।होलिका दहन दो मार्च के अगले दिन यानी 3 मार्च को रंग नहीं खेला जाएगा। भद्रा और चंद्रग्रहण रंग खेलने को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। भद्रा में होलिका दहन नहीं किया जाता है। भद्रा के चौथे चरण में होलिका दहन हो सकता है। भद्रा का चौथा चरण दो मार्च की रात 12.50 बजे शुरू होगा। इसके बाद होलिका दहन किया जाएगा। वहीं, चंद्रग्रहण के कारण तीन मार्च की बजाय चार मार्च को रंग खेला जाएगा। फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि दो मार्च की शाम 5.18 बजे से लगेगी। इसके साथ ही भद्रा भी रहेगा। पूर्णिमा तिथि तीन मार्च को शाम 4.33 बजे तक रहेगी। होलिका दहन में पूर्णिमा तिथि और रात्रि का समय होना जरूरी होता है। तीन मार्च की शाम 5.59 से 6.47 बजे तक चंद्रग्रहण भारत में दिखेगा। चंद्रग्रहण का पालन करना जरूरी होता है। चंद्रग्रहण में नौ घंटे पहले सूतक लगता है। सूतक काल में रंग खेलना सहित शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है। सूतक काल में आराध्य का ध्यान-जप करना चाहिए। इस कारण तीन मार्च नहीं चार मार्च को रंग खेला जाएगा।



