
पूरी तरह से एकजुट है राजग, लाउडस्पीकर पर नहीं होना चाहिए विवाद : जीतन राम मांझी
बेगूसराय- 01 मई। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम (से.) नेता जीतन राम मांझी ने कहा है कि लाउडस्पीकर को लेकर बेवजह इश्यु बनाया जा रहा है। 2005 में इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में कोड ऑफ कंडक्ट बनाया है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 25 से 75 डेसीबल तक बजाने से परेशानी नहीं होती है। अगर इससे ऊपर अधिक आवाज में कोई बजाता है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। आजकल बहुत तेजी से बढ़ रहा डीजे का प्रचलन बहुत खराबी कर रहा है, यह हर्ट सहित कई अन्य बीमारियों को जन्म देता है, वातावरण प्रदूषित करता है, ऐसी चीजों पर रोक लगनी चाहिए। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा में लाउडस्पीकर बजे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के मापदंड के अनुसार। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सही कहा है कि इस पर चर्चा करना बेकार है, स्थापित नियम के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, ना कि राष्ट्रीय और राजकीय इश्यु बनाना चाहिए। बेगूसराय के बखरी निवासी अपने सहयोगी महेंद्र सदा की पुत्री की शादी में शामिल होने आए जीतन राम मांझी ने रविवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए यह बातें कही है।
उन्होंने कहा कि बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) काफी मजबूत है, इसमें मतभेद हो सकता है, लेकिन कहीं भी मनभेद नहीं है। शत्रुता उतनी ही होनी चाहिए जहां दोस्ती के लिए एक खिड़की खुली रहे। एनडीए पूरी तरह से सशक्त है, नीतीश कुमार 2025 तक के लिए मुख्यमंत्री बने हैं और वे 2025 तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे, हम साथ-साथ हैं, वह ठीक रहेंगे। बिहार में विकास काफी तेजी से हो रहा है, पहले चार-पांच घंटा बिजली रहती थी, अब घंटा मिल रही है। कहीं से भी राजधानी एक दिन में आया-जाया जा सकता है। शिक्षा के क्षेत्र में विकास हुआ, ड्रॉपआउट घटकर 0.5 प्रतिशत रह गया है, विद्यालय-महाविद्यालय खुल रहे हैं, टेक्निकल कॉलेज, मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। बिहार विकास के रास्ते पर है, लॉ एंड ऑर्डर पहले से बेहतर है, एनडीए के शासन में कभी संप्रदायिक दंगा नहीं हुआ, जब सरकार ठीक से चल रही है, राज्य विकास कर रहा है तो गड़बड़ी का सवाल ही नहीं है। एनडीए के दलों में जहां किसी को कमी पता चलती है तो उसमें मिल बैठकर सुधार किया जाता है, इसलिए मतभेद की बातें बेकार है।
उन्होंने कहा कि शराब बहुत खराब है, हर बुराई की जड़ शराब है, लेकिन शराबबंदी कानून से नहीं मन से लागू होना चाहिए। हमारे घर में भी शराब बनता था, माता-पिता शराब पीते थे, लेकिन हमने 78 साल में एक भी बूंद शराब नहीं पिया। शराबबंदी के नाम पर नीचे वाले पदाधिकारी हाथ साफ करते हैं, इसका विरोध होना चाहिए। लोगों को ताड़ी का परिष्कृत रूप नीरा पीना चाहिए, हम भी सुबह-सुबह ताड़ और खजूर का रस नीरा पीते थे। नीरा के अधिक से अधिक उपयोग से तारी व्यवसाय से जुड़े लोगों को समृद्धि होगी। मांझी ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर और राम मनोहर लोहिया के सोच के अनुरूप कॉमन स्कूलिंग सिस्टम होना चाहिए, लेकिन आजादी के 75 वर्ष बाद भी इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। कॉमन स्कूलिंग को प्राथमिकता देने से जात-पात का भेदभाव समाप्त होगा, हम इसे अपनी प्राथमिकता में रखता है।



