
फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 3 जालसाज गिरफ्तार
नई दिल्ली- 06 अप्रैल। दक्षिण पूर्वी जिले के साइबर थाना पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपितों को पकड़ा है। पकड़े गए आरोपितों की पहचान नाम प्रतीक (23), कुलदीप (26) और सौरव (27) के रूप में हुई है।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपित क्रेडिट कार्ड के जरिये लोगों के साथ ठगी करते है। पुलिस ने इनके पास से 20 मोबाइल फोन, 45 सिम कार्ड, दो लैपटॉप, वाईफाई राउटर और छह डायरियां बरामद की है। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है।
डीसीपी ईशा पांडेय के अनुसार, गत पांच मार्च को क्रेडिट कार्ड से ठगी की एक शिकायत साइबर थाने में मिली थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसके पास एक युवक का कॉल आया था। कॉलर ने खुद को बैंक कर्मी बताया और उनके क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के बहाने बैंक खाते से 34 हजार 400 रुपये उड़ा लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस टीम ने पीडि़त द्वारा दिए गए फोन नंबर की सीडीआर खंगाली और उनके बैंक खाते की भी जांच की।
इस दौरान पता चला कि रुपये कई बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। जांच में पुलिस को उत्तम नगर में एक कॉल सेंटर का पता चला। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर आरोपित प्रतीक, कुलदीप व सौरव को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित प्रतीक व कुलदीप जनकपुरी के रहने वाले हैं। जबकि सौरव जैतपुर में रहता है।
ऐसे बनाते थे लोगों को अपना निशाना
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वह क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर लोगों के साथ ठगी करते थे। वह पहले लोगों को कॉल करते थे और फिर खुद को बैंककर्मी बताते थे। इसके बाद वह लोगों को अपनी बातों में फंसाते थे और बाद में उनके मोबाइल पर एक फर्जी लिंक भेज देते थे। फिर उन्हें उस लिंक को खोलकर क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरने को बोलते थे। जैसे ही लोग अपने क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरते थे, वैसे ही उनके क्रेडिट कार्ड से रुपये उड़ा लेते थे।
जल्द अमीर बनना चाहते थे आरोपित
आरोपितों ने बताया कि सौरव अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवाता था। इसके बाद कुलदीप के बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर करते थे। फिर प्रतीक अलग-अलग एटीएम बूथ से उन रुपयों को निकालता था। तीनों के खिलाफ पहले कोई आपराधिक केस दर्ज हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद जल्दी अमीर बनना चाहते थे, लेकिन अच्छी नौकरी नहीं मिल पा रही थी। ऐसे में तीनों ने लोगों से ठगी का काम शुरू कर दिया।



