
ठाणे पुलिस ने फर्जी दस्तावेज मामले में समीर वानखेड़े से की 8 घंटे पूछताठ
मुंबई- 23 फरवरी। नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो( एनसीबी) के पूर्व जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े से ठाणे पुलिस ने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर शराब विक्री का लाइसेंस प्राप्त करने के मामले में बुधवार को आठ घंटे तक गहन पूछताछ की है। समीर वानखेड़े पर 28 फरवरी तक कार्रवाई न करने का आदेश हाई कोर्ट ने दिया है, इसलिए उनका बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने समीर वानखेड़े को घर जाने दिया है।
समीर वानखेड़े बुधवार सुबह दर्ज मामले की पूछताछ के लिए ठाणे स्थित कोपरी पुलिस स्टेशन में उपस्थित हुए थे। कोपरी पुलिस स्टेशन में पुलिस टीम ने समीर वानखेड़े से शराब विक्री का लाइसेंस प्राप्त करने तथा इस मामले में उनके पिता की भूमिका के संदर्भ में पूछताछ की है।
उल्लेखनीय है कि समीर वानखेड़े के विरुद्ध नवी मुंबई स्थित सदगुरु होटल एंड रेस्टोरंट का लाईसेंस फर्जी दस्तावेज के आधार पर लेने का आरोप लगाया गया था। इसकी शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की गई और शिकायत सही पाए जाने के बाद उन्हें जारी किया गया लाइसेंस ठाणे जिलाधिकारी ने रद्द कर दिया था। समीर वानखेड़े पर 18 वर्ष की कम उम्र में ही फर्जी दस्तावेज के आधार पर लाइसेंस प्राप्त करने का आरोप लगाया गया था। इस मामले की शिकायत इक्साइज विभाग के अधिकारी ने ठाणे स्थित कोपरी पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाई गई थी। इसके बाद कोपरी पुलिस स्टेशन ने समीर वानखेड़े को आज जांच के लिए उपस्थित रहने के लिए समन जारी किया था।
समीर वानखेड़े ने इस मामले को रद्द किए जाने के लिए सोमवार को हाई कोर्ट में याचिका दाखिल किया था। इस याचिका पर हाई कोर्ट ने मंगलवार को शीघ्र सुनवाई से इंकार कर दिया था,परंतु समीर वानखेड़े पर 28 फरवरी तक कार्रवाई न करने का भी निर्देश दिया था।



