
15 साल पुराने आचार संहिता उल्लंघन मामले में लालू यादव सीवान कोर्ट में हुए हाजिर, आरोप गठित, गवाहों की गवाही की प्रक्रिया होगी शुरू
सीवान- 06 नवंबर। चुनावी आचार संहिता उल्लंघन के करीब 15 साल पुराने मामले में राजद सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव शुक्रवार को सीवान न्यायालय में पेश हुए।
एसीजेएम-1 की अदालत में हुई पेशी के दौरान न्यायालय ने उनके खिलाफ आरोप गठित कर दिया। अब मामले में आगे गवाहों की गवाही की प्रक्रिया शुरू होगी।
न्यायालय में पेशी के बाद लालू यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी के आवास पर भोजन किया। इसके बाद वे रघुनाथपुर विधायक ओसामा शहाब के आवास पहुंचे, जहां पूर्व लोकसभा प्रत्याशी हिना शहाब से औपचारिक मुलाकात की। मुलाकात के बाद वे पटना के लिए रवाना हो गये।
लालू प्रसाद यादव गुरुवार की शाम ही सीवान पहुंच गये थे। शुक्रवार दोपहर वे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच न्यायालय पहुंचे। उनके आगमन की सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर और आसपास के इलाके में राजद नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ जुट गयी थी। समर्थक अपने नेता की एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते रहे।
लालू यादव के न्यायालय परिसर में प्रवेश करते ही समर्थकों ने लालू यादव जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिये। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिसकर्मी भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे रहे। न्यायालय में पेशी की प्रक्रिया बचाव पक्ष के अधिवक्ता कामेश्वर तिवारी की ओर से पूरी करायी गयी। अधिवक्ता ने बताया कि लालू प्रसाद यादव के खिलाफ वर्ष 2011 में बिना प्रशासनिक अनुमति के लाउडस्पीकर बजाने और चुनावी सभा करने का आरोप था।
शुक्रवार को न्यायालय ने उनके खिलाफ आरोप गठित कर दिया है। अब मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया के तहत गवाहों की गवाही होगी। उन्होंने कहा कि न्यायालय की प्रक्रिया का पूरा सम्मान किया जायेगा।
पेशी पूरी होने के बाद जैसे ही लालू यादव न्यायालय से बाहर निकले, समर्थकों का उत्साह और बढ़ गया। लोगों ने जोर-जोर से नारेबाजी शुरू कर दी। अपने नेता के साथ तस्वीर लेने और उन्हें करीब से देखने के लिए समर्थकों में होड़ मच गयी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सुरक्षा घेरे के बीच लालू यादव को वहां से निकाला गया।
न्यायालय से निकलने के बाद लालू प्रसाद यादव पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी के आवास पहुंचे। वहां उन्होंने भोजन किया और उनसे मुलाकात की। इसके बाद वे रघुनाथपुर के विधायक ओसामा शहाब के आवास पहुंचे, जहां पूर्व लोकसभा प्रत्याशी हिना शहाब से औपचारिक मुलाकात की।
इस मुलाकात को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा रही। हालांकि, मुलाकात के दौरान हुई बातचीत के संबंध में कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आयी। दरअसल, यह पूरा मामला वर्ष 2011 के विधानसभा उपचुनाव से जुड़ा है।
आठ अक्तूबर 2011 को लालू प्रसाद यादव दारौंदा विधानसभा क्षेत्र से राजद प्रत्याशी परमेश्वर सिंह के पक्ष में चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे। उस समय लालू यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद बिना प्रशासनिक अनुमति के लाउडस्पीकर का इस्तेमाल कर चुनावी सभा आयोजित की गयी और भाषण दिया गया।
इस मामले में दारौंदा के तत्कालीन अंचलाधिकारी शंकर महतो ने लालू प्रसाद यादव और राजद प्रत्याशी परमेश्वर सिंह के खिलाफ दारौंदा थाने में कांड संख्या 146/11 दर्ज कराया था। पुलिस कार्रवाई के बाद न्यायालय ने दोनों के खिलाफ संज्ञान लिया था। हालांकि, बाद में मामले के दूसरे आरोपी परमेश्वर सिंह का निधन हो गया, जबकि लालू प्रसाद यादव के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया जारी रही।
बताया जाता है कि लगातार न्यायालय में उपस्थित नहीं होने के कारण लालू यादव के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। इसके बाद कुर्की की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश भी दिया गया था। हालांकि, स्वास्थ्य कारणों से अदालत में उपस्थित नहीं हो पाने की दलील के बाद कुर्की की कार्रवाई का आदेश स्थगित कर दिया गया था।
अब करीब डेढ़ दशक पुराने इस मामले में आरोप गठित होने के बाद मुकदमे की अगली प्रक्रिया शुरू होगी। लालू यादव की सीवान न्यायालय में पेशी के साथ ही राजनीतिक और कानूनी हलकों में इस मामले को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गयी है।



