
जनकवि बाबा नागार्जुन को याद कर भावुक हुआ मधुबनी, पुण्यतिथि पर दी गई श्रद्धांजलि
मधुबनी, 6 नवंबर। हिंदी और मैथिली के प्रसिद्ध साहित्यकार बाबा नागार्जुन (वैद्यनाथ मिश्र ‘यात्री’) की पुण्यतिथि पं. विनोदानंद झा कॉलोनी में मनाई गई। उनकी पुण्यतिथि प्रत्येक वर्ष 5 नवंबर को मनाई जाती है।
कार्यक्रम मानव समृद्धि संस्थान के तत्वावधान में आयोजित किया गया। अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्राचार्य सह नोटरी अधिवक्ता डॉ. सुभद्र झा ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा नागार्जुन के तैलचित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। मौके पर साहित्यकारों, शिक्षाविदों और समाजसेवियों ने बाबा नागार्जुन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मानव समृद्धि संस्थान के संस्थापक सचिव महेश चन्द्र झा ने कहा कि बाबा नागार्जुन केवल मिथिला ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के जनकवि थे। उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से गरीब, किसान, मजदूर और आम आदमी की आवाज को बुलंद किया। उनकी रचनाएं आज भी समाज को दिशा देने का काम करती हैं। मैथिली और हिंदी साहित्य में उनका योगदान अविस्मरणीय है।
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. सुभद्र झा ने कहा कि बाबा नागार्जुन सादगी, निर्भीकता और जनपक्षधरता के प्रतीक थे। उन्होंने कभी सत्ता के सामने झुकना नहीं सीखा। नई पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेकर साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में आगे आना चाहिए।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय बुद्धिजीवी, शिक्षक, छात्र और ग्रामीण उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन पं. ऋषिनाथ झा ने किया।



