
बलिराजगढ़ पुलिस गोलीकांड: माले ने निकाला प्रतिवाद मार्च, 7 नवंबर को जाएंगे बलिराजगढ़
मधुबनी – 06 नवंबर। बाबूबरही प्रखंड के बलिराजगढ़ में हुए पुलिस गोलीकांड के विरोध में शुक्रवार को भाकपा-माले ने मधुबनी रेलवे स्टेशन से समाहरणालय तक प्रतिवाद मार्च निकाला। मार्च प्रधान डाकघर होते हुए समाहरणालय पहुंचा, जहां यह सभा में तब्दील हो गया। मार्च का नेतृत्व भाकपा-माले जिला सचिव ध्रुव नारायण कर्ण ने किया।
माले ने मृतक अशोक यादव के आश्रित परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। साथ ही घायलों के समुचित एवं निःशुल्क इलाज की व्यवस्था करने और प्रत्येक घायल को एक लाख रुपये मुआवजा देने की मांग उठाई गई। पार्टी ने घटना के लिए जिम्मेदार पुलिस ASI को अविलंब गिरफ्तार कर स्पीडी ट्रायल के माध्यम से फांसी की सजा दिलाने की भी मांग की।
सभा को संबोधित करते हुए जिला सचिव ध्रुव नारायण कर्ण ने कहा कि इस गोलीकांड की जिम्मेदारी भाजपा-जदयू की सम्राट चौधरी सरकार की है। उन्होंने आरोप लगाया कि शासनकाल में पुलिस का मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि पुलिस आम जनता पर गोली चलाने से भी नहीं हिचक रही है। बलिराजगढ़ की घटना इसी पुलिसिया निरंकुशता का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि पुलिस की गोली से एक व्यक्ति की मौत और कई लोगों का घायल होना लोकतंत्र एवं कानून के शासन पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
ध्रुव नारायण कर्ण ने ऐलान किया कि 7 नवंबर को भाकपा-माले के विधान परिषद सदस्य शशि यादव, पूर्व विधायक कॉ. सत्यदेव राम, राज्य कमिटी सदस्य बैद्यनाथ यादव सहित राज्य एवं जिला स्तर के दर्जनों नेता बलिराजगढ़ जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे।
मार्च में राज्य कमिटी सदस्य श्याम पंडित, भूषण सिंह, विशंभर कामत, योगनाथ मंडल, नवल किशोर यादव, उत्तीम पासवान, कामेश्वर राम, मदन चंद्र झा, सुनीता सदाय, मोहम्मद इमरान सहित सैकड़ों नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।



