
मिथिला की विरासत का उत्सव बनेगा सौराठ महोत्सव-2026, 25-26 नवंबर को होगा दो दिवसीय आयोजन
मधुबनी – 06 नवंबर। रहिका प्रखंड के ऐतिहासिक सौराठ सभा परिसर में 25 एवं 26 नवंबर को दो दिवसीय सौराठ महोत्सव 2026 का आयोजन होगा। यह महोत्सव कला एवं संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में विभागीय सांस्कृतिक कैलेंडर के तहत आयोजित होगा। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने महोत्सव के सफल, सुव्यवस्थित एवं भव्य आयोजन के लिए आदेश जारी किया है। विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
सौराठ सभागाछी मिथिला की प्राचीन सामाजिक परंपराओं, ऐतिहासिक पंजी प्रथा तथा पंजीकारों की महत्वपूर्ण भूमिका का विशिष्ट केंद्र रहा है। यह स्थल मिथिला की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान का जीवंत प्रतीक है। महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य इस ऐतिहासिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना, स्थानीय कलाकारों एवं शिल्पकारों को मंच देना तथा मिथिला की समृद्ध परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
महोत्सव से पूर्व जिले के विभिन्न महाविद्यालयों में सौराठ सभा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, पंजी प्रथा और सामाजिक परंपराओं पर परिचर्चा सत्र आयोजित होंगे। इसमें विषय-विशेषज्ञ, विद्वान एवं इतिहास के जानकार शामिल होंगे। सौराठ सभागाछी की ऐतिहासिक महत्ता पर आधारित एक शोधपरक वृत्तचित्र का भी निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए ऐतिहासिक अभिलेख, आलेख, दुर्लभ छायाचित्र, प्रामाणिक तथ्य एवं साक्षात्कार संकलित किए जाएंगे।
महोत्सव के दोनों दिन विद्यालय अवधि में जिले के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं के बीच समूह लोकगीत एवं समूह लोकनृत्य प्रतियोगिताएं होंगी।
महोत्सव परिसर में मिथिला चित्रकला, सिक्की कला, बांस शिल्प, पुस्तक मेला तथा मिथिला की सामाजिक परंपराओं से संबंधित प्रदर्शनी के स्टॉल लगेंगे। इससे स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों एवं साहित्यकारों को अपनी कला के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर मिलेगा।
मिथिला की प्राचीन लिपि मिथिलाक्षर के संरक्षण के लिए विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में कार्यशालाएं आयोजित होंगी। वहीं, सौराठ सभागाछी एवं मिथिला की परंपराओं के संरक्षण में योगदान देने वाले पंजीकारों तथा प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा।
दोनों दिन संध्या काल में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिनमें मैथिली भाषी कलाकारों तथा मैथिली परंपरा पर आधारित प्रस्तुतियों को प्राथमिकता दी जाएगी। कलाकारों के चयन के लिए जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी की अध्यक्षता में चयन समिति गठित की गई है।
सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था के लिए अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर को निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि सौराठ महोत्सव-2026 केवल सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित न रहकर मिथिला की ऐतिहासिक पहचान और लोककलाओं के संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम बने।



