
पटना- 04 नवंबर। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालय परिसर में शिक्षक और अन्य कर्मियों द्वारा निजी रील बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) विजय कुमार पांडेय ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को निर्देश जारी किया है। निर्देश में कहा गया है कि प्राय: यह देखा जा रहा है कि शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मी (शिक्षक सहित) द्वारा विद्यालय परिसर, सरकारी कार्यालय परिसर में Reels, Videos बनाई जा रही है। बिना सक्षम प्राधिकार के पूर्व अनुमति के उन्हें अपलोड किया जा रहा है। इससे सरकार की छवि धूमिल तो होती ही है, बल्कि एकतरफा Narrative समाज के समक्ष प्रसारित होता है।
पत्र में इसे अत्यंत चिंता का विषय बताते हुए कहा गया है कि सरकारी परिसर में सरकारी कर्मी द्वारा Influencer बनने की कोशिश की जाती है, जो बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम 3(1) के विरुद्ध है।
यहां Social Media का इस्तेमाल नियंत्रक पदाधिकारी के लिखित पूर्वानुमति से की जा सकती है। 15 अगस्त, 26 जनवरी के दिन की सांस्कृतिक कार्यक्रम, वृक्षारोपण, रक्तदान, श्रमदान, स्वच्छता अभियान का Reel बनाकर सामाजिक कार्यों में योगदान देने का Record, Reel, गणमान्य व्यक्तियों का औचक निरीक्षण का कार्यक्रम।
निर्देश में हेनरी ब्रूक्स एडम्स के कथन “A TEACHER AFFECTS ETERNITY” का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि शिक्षक कई पीढ़ियों तक प्रभाव डालता है। अत: शिक्षक का आचार एवं विचार हमेशा सदाचार होना चाहिए, कदाचार नहीं। प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया है। इस परिपत्र को स्कूलों में लागू करने की पूर्ण जिम्मेवारी क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी की होगी।



