
जन सुराज के बाद अब राजद भी सक्रिय, दो निर्दलीय MLC की सदस्यता रद्द करने का दिया आवेदन
पटना- 04 नवंबर। बिहार की सियासत में विधान परिषद की सदस्यता को लेकर घमासान तेज हो गया है। जन सुराज के बाद अब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) भी सक्रिय हो गई है। पार्टी की ओर से निर्दलीय एमएलसी वंशीधर बृजवासी और राहुल राज की सदस्यता रद्द करने का आवेदन दिया गया है। राजद के वरिष्ठ नेता सह पूर्व मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति राम वचन राय से मुलाकात की और उन्हें लिखित आवेदन सौंपा।
राजद का आरोप है कि दोनों निर्दलीय एमएलसी ने विधान परिषद में निर्दलीय के रूप में निर्वाचित होने के बावजूद पार्टी की गतिविधियों और राजनीतिक आचरण के खिलाफ काम किया है। पार्टी ने आवेदन में कहा है कि इन दोनों नेताओं का आचरण विधान परिषद की मर्यादा और दल-बदल विरोधी कानून की भावना के विपरीत है, इसलिए इनकी सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए। हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोपों के विस्तृत बिंदुओं को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। राजद नेताओं का कहना है कि सारे तथ्य और दस्तावेज सभापति को सौंप दिए गए हैं।
आवेदन सौंपने के बाद मीडिया से बात करते हुए राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि कार्यकारी सभापति ने आवेदन को गंभीरता से लिया है और नियम के मुताबिक शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि राजद नियम और संविधान के दायरे में रहकर ही अपनी मांग रख रही है। सिद्दीकी ने कहा कि हमने पूरी प्रक्रिया के तहत आवेदन दिया है। हमें उम्मीद है कि सभापति नियमानुसार जल्द निर्णय लेंगे।
बतादें, इससे पहले जन सुराज की ओर से भी इसी तरह का आवेदन दिया गया था। अब राजद के मैदान में आने के बाद विधान परिषद में निर्दलीय सदस्यों को लेकर राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में विधान परिषद में संख्या बल और राजनीतिक समीकरण को लेकर यह मामला और गरमा सकता है। दोनों निर्दलीय एमएलसी की सदस्यता पर सभापति का फैसला बिहार की राजनीति में अहम मोड़ साबित हो सकता है।
फिलहाल, गेंद विधान परिषद के कार्यकारी सभापति के पाले में है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि इस आवेदन पर कब और क्या फैसला आता है।



