
बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: रैंडमाइज्ड कंप्यूटर सिस्टम से 1,181 अमीनों का पारदर्शी तबादला, मंत्री दिलीप जायसवाल ने खुद क्लिक कर दी मंजूरी
पटना, 29 अक्टूबर। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार और पैरवी-संस्कृति को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने रैंडमाइज्ड कंप्यूटर सिस्टम के जरिए 1181 अमीनों के एक साथ पारदर्शी स्थानांतरण को मंजूरी दे दी है। विभागीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने गुरुवार को अपने कार्यालय कक्ष में खुद कंप्यूटर का बटन क्लिक कर इस पूरी प्रक्रिया का विधिवत अनुमोदन किया। इस दौरान अपर सचिव अमित कुमार पांडेय, आईटी मैनेजर आनंद शंकर और अवर सचिव निरंजन यादव भी मौजूद रहे।
कैसे हुआ ये पारदर्शी तबादला?
विभाग के अनुसार इस बार कोई मैनुअल लिस्ट नहीं बनी। बिहारभूमि पोर्टल पर अमीनों से ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे।उन्हीं आवेदनों को कंप्यूटर में फीड कर रैंडमाइजेशन सॉफ्टवेयर से ऑटोमेटिक पोस्टिंग तय की गई।
तबादले में मानवीय हस्तक्षेप पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। सिस्टम ने खुद तय किया कि किसे कहां जाना है।
इन 4 प्राथमिकताओं का रखा गया विशेष ध्यान:
-गृह जिले से दूरी का ध्यान रखा गया। महिला अमीनों को यथासंभव नजदीक पोस्टिंग।दिव्यांगता: 75 दिव्यांग अमीनों को सुविधाजनक स्थान। गंभीर बीमारी: गंभीर बीमारी से ग्रस्त कर्मियों को प्राथमिकता
किसको कहां मिली जगह? – ब्रेकअप
कुल 1,181 अमीनों में 773 पुरुष अमीन। 333 महिला अमीन।
75 दिव्यांग अमीन।
विभाग का कहना है कि यह पहल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘तकनीक से पारदर्शिता’ के विजन का हिस्सा है। इससे पहले अंचल अधिकारी और राजस्व कर्मचारियों का भी इसी मॉडल पर तबादला किया गया था, जिसे काफी सराहा गया था।
इस फैसले के बाद राजस्व महकमे में हड़कंप के साथ-साथ राहत भी है, क्योंकि अब तबादलों के लिए चक्कर नहीं काटना पड़ेगा।



