
BIHAR:- त्योहार में सेहत से खिलवाड़! मधुबनी, दरभंगा और समस्तीपुर में मिलावटी मिठाई का कारोबार, 43 दुकानों पर कार्रवाई
पटना- 26 अक्टुबर। बिहार में पर्व-त्योहार के समय आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ किस तरह खिलवाड़ किया जाता है, यह मधुबनी, दरभंगा और समस्तीपुर में देखा जा सकता है। अक्टूबर माह में ही दर्जनों मिठाई और खाद्य सामग्री की दुकानों पर मिलावटी सामग्री पाई गई है। कहीं खोया की जगह मैदा मिलाया जा रहा है, तो कहीं सड़क किनारे नकली पनीर बेचा जा रहा है।
मधुबनी जिले के जयनगर में तो सब-स्टैंडर्ड रसगुल्ला बेचा जा रहा था, जिस पर फूड इंस्पेक्टर ने कार्रवाई भी की है। फूड इंस्पेक्टर आर.वी.आर.एस. शर्मा ने बताया कि हमलोग सैंपल लेकर पटना भेजते हैं, वहां से रिपोर्ट आने के बाद अग्रेत्तर कार्रवाई करते हैं और कोर्ट में केस करते हैं। पर्व-त्योहार में मिठाई व खाद्य सामग्री में मिलावट बढ़ जाती है। इसलिए मिशन मोड पर मेरे प्रभार वाले तीनों जिलों – मधुबनी, दरभंगा व समस्तीपुर में मिलावट करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की जा रही है। साथ ही बड़े होटलों व रेस्टोरेंट में साफ-सफाई और खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता जांचने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन तीन जिलों में अक्टूबर माह में 43 दुकानों व रेस्टोरेंट से नमूने लिए गए हैं।
तीनों जिलों का एक जैसा हाल—
कार्रवाई के बावजूद गुणवत्ताहीन खाद्य पदार्थ और मिलावटी मिठाई बेचने वालों में डर नहीं है और वे खुलेआम मिलावटी सामग्री बेच रहे हैं। मधुबनी जिले के जयनगर में रसगुल्ला सब-स्टैंडर्ड पाया गया और केमिकल का भी प्रयोग किया गया था। मामला सामने आने के बाद रसगुल्ला प्रेमी दूरी बना रहे हैं और ऐसे दुकानदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। दीप ज्योति होटल के किचन में मानक के अनुरूप सफाई नहीं रहने पर होटल मालिक को नोटिस भी दिया गया है। मधुबनी में 14 दुकानों व रेस्टोरेंट में छापेमारी कर नमूना लिया गया है, जिसमें 4 को नोटिस दिया गया है।
दरभंगा के सिमरी स्थित माखनभोग स्वीट्स में 17 किलो मिलावटी पनीर को खाद्य सुरक्षा अधिकारी व उनकी टीम ने जब्त कर कूड़े में फेंक दिया। दरभंगा में 16 दुकानदारों व रेस्टोरेंट संचालकों पर कार्रवाई की गई है। समस्तीपुर जिले के मुसरीघरारी में 4 दुकानों में मिलावटी मिठाई व खाद्य सामग्री बेचने पर कार्रवाई की गई है। यहां 2 दुकानों में मसाला भी सब-स्टैंडर्ड पाया गया था। समस्तीपुर में अक्टूबर माह में कुल 12 दुकानों पर कार्रवाई की गई है।
नियमित निरीक्षण नहीं होने के कई कारण—
मालूम हो कि दुकानों की नियमित मॉनिटरिंग नहीं होने के कारण मिलावटखोरों में कार्रवाई का डर नहीं है। इसके कई कारण हैं। वर्तमान में एक ही फूड इंस्पेक्टर मधुबनी, दरभंगा व समस्तीपुर के प्रभार में हैं। विभाग इन्हें वाहन तक उपलब्ध नहीं करवा रही है। ऐसे में ये निजी वाहन या सार्वजनिक वाहन का प्रयोग कर काम चला रहे हैं। मधुबनी जिले में तो कार्यालय कक्ष तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में लोगों को शिकायत कहां करनी है, उसकी सटीक जानकारी नहीं मिल पाती है और न ही अधिकारी से मुलाकात हो पाती है। मानव बल की भी घोर कमी है। साथ ही पटना से सैंपल रिपोर्ट भेजने में भी विलंब किया जा रहा है।
मिलावटी खाद्य सामग्री से होती हैं कई बीमारियां—
मधुबनी शहर के वरीय चिकित्सक डॉ. डीएस मिश्रा ने बताया कि मिलावटी मिठाई या खाद्य सामग्री के सेवन से विभिन्न प्रकार की बीमारियों का खतरा रहता है। पेट की समस्या से लेकर कैंसर तक की चपेट में लोग आ सकते हैं। मिठाइयों पर लगाई जाने वाली चांदी की वर्क में एल्युमिनियम या अन्य जहरीली धातुओं की मिलावट और रसायनों का लंबे समय तक सेवन कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकता है। मिलावटी मावा, पनीर या चीनी में चॉक पाउडर, वाशिंग सोडा या स्टार्च मिलाया जाता है, जिससे पेट दर्द, अपच, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मिलावटी मिठाइयों में सस्ते पाम ऑयल या ट्रांस फैट के इस्तेमाल से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जो हार्ट अटैक या हृदय रोगों का कारण बन सकता है। साथ ही यह किडनी व लीवर को भी नुकसान पहुंचाता है।
छापेमारी अभियान जारी रहेगा—
मधुबनी के फूड इंस्पेक्टर आर.वी.आर.एस. शर्मा ने कहा कि मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने वालों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा।



