
बिहार में अंतिम यात्रा पर संकट, श्मशान भूमि पर कब्जा चिंताजनक: विजय कुमार यादव
मधुबनी- 26 अक्टूबर। फुलपरास के पूर्व प्रत्याशी विजय कुमार यादव ने बिहार में श्मशान घाटों की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि शहरों से लेकर गांवों तक श्मशान की जमीन पर कब्जा और सुविधाओं के अभाव के कारण लोगों को अंतिम संस्कार के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
विजय कुमार यादव ने कहा कि बिहार के कई जिलों में श्मशान की भूमि पर अवैध कब्जा हो चुका है, तो कहीं श्मशान जाने वाली सड़कों पर ही पक्के मकान बना दिए गए हैं। सरकारी जमीनों की खरीद-बिक्री और अतिक्रमण ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। लोग मजबूरी में सड़क किनारे, खेतों या निजी जमीन पर शवदाह को विवश हैं।
उन्होंने कहा कि वर्षों से शवदाह के लिए उपयोग हो रही जमीनें अब तालाब में बदल दी गई हैं या दबंगों द्वारा कब्जा कर प्लॉटिंग कर दी गई है। निजी जमीन पर दाह करने पर भी असामाजिक तत्वों द्वारा रोका जाता है। कई जगह दाह के बाद चिता को उखाड़ कर फेंक देने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
पूर्व प्रत्याशी ने कहा कि कई नगर निकायों में लाखों की लागत से बने शवदाह गृह आज तक चालू नहीं हो सके। सरकार ने भवन तो बनवा दिए, लेकिन उपयोग और रखरखाव की कोई व्यवस्था नहीं की। चारों ओर रिहायशी मकान बन जाने से वहां दाह संस्कार करना विवाद का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में व्यवस्थित घाट नहीं होने से लोग सड़क किनारे ही दाह करने को मजबूर हैं। आबादी बढ़ने से समस्या और गंभीर हो गई है। बरसात में तो शवदाह करना और भी कठिन हो जाता है। यह धार्मिक और सामाजिक परंपराओं पर सीधा हमला है।
विजय कुमार यादव ने सरकार से मांग की है कि पूरे बिहार में श्मशान भूमि का सर्वे कराकर अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, बंद पड़े शवदाह गृहों को तुरंत चालू किया जाए और हर पंचायत-नगर निकाय में सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।



