बिहार में मिलावटी खाद्य पदार्थों पर स्वास्थ्य विभाग सख्त, 531 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 2 के लाइसेंस निलंबित
पटना, 25 अक्टूबर। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा है कि प्रदेश में मिलावटी,नकली एवं गुणवत्ताहीन खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण एवं वितरण पर नियंत्रण स्थापित करना तथा आम लोगों को सुरक्षित,स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है।
इसी उद्देश्य के तहत खाद्य संरक्षा विभाग द्वारा राज्यभर में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। विभाग की टीम द्वारा खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षित भंडारण, रसोई की स्वच्छता, खाद्य संरक्षा मानकों के अनुपालन और वैध लाइसेंस की जांच की जा रही है।
इस अभियान के तहत राजधानी पटना सहित प्रदेश के प्रमुख होटल, रेस्तरां, मिठाई प्रतिष्ठान,खाद्य निर्माण इकाइयां और पैकेज्ड पेयजल से जुड़े कारोबार विशेष रूप से जांच के दायरे में हैं।
अब तक 531 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण—
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अब तक राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 531 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया है। इनमें पटना में सर्वाधिक 87 निरीक्षण दर्ज किए गए हैं। जांच के दौरान दो प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए तथा 15 प्रतिष्ठानों के विरुद्ध अभियोजन दायर किया गया है।
मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संबंधित प्रतिष्ठानों को सुधार संबंधी नोटिस भी जारी किए गए हैं। जांच के दौरान मुख्य रूप से दूध, पनीर, दही,घी,तेल,मिठाइयों,आटा,मैदा,पैकेज्ड चिकन एवं बोतलबंद पेयजल जैसे प्रमुख खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कारोबारियों और आम लोगों से अपील—
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश के सभी खाद्य कारोबारियों से अपील की है कि वे स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण,गुणवत्तापूर्ण सामग्री और वैध लाइसेंस से संबंधित सभी नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। अनुचित लाभ के प्रयास में किसी प्रकार की अनियमितता या मिलावट में संलिप्त न हों।
साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि खाद्य पदार्थों की खरीदारी करते समय उनकी गुणवत्ता, पैकेजिंग और एक्सपायरी डेट अवश्य जांच लें। जनस्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


