
MADHUBANI:- छठ से पहले चकदह गुलटेनी पोखर को अतिक्रमण मुक्त कराने को लेकर महिलाओं ने खोला मोर्चा
मधुबनी- 22 अक्टुबर। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 21 स्थित ऐतिहासिक चकदह गुलटेनी पोखर को अतिक्रमण मुक्त कराने और साफ-सफाई को लेकर स्थानीय महिलाओं ने गुुुरुवार को मोर्चा खोल दिया। छठ महापर्व को कुछ ही दिन शेष रहने के बावजूद पोखर की दुर्दशा पर आक्रोशित दर्जनों महिलाओं ने पोखर के किनारे विरोध प्रदर्शन किया। रहिका अंचल व नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विरोध प्रदर्शन में रधिया देवी, सीता देवी, लीला देवी, उषा देवी, ममता देवी, निर्मला देवी, संजुला देवी, रीणा देवी, दुर्गा देवी, सावित्री देवी, महामाया देवी, मुन्नी देवी, गुड्डी देवी, गीता देवी, पानो देवी, बाबी देवी, प्रेम देवी, पूनम देवी, दायरानी देवी, बबीता देवी, रामकाशी देवी, किरण देवी, रीता देवी, शशिकला देवी, जगमाया देवी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं।
एकमात्र बड़ा छठ घाट, फिर भी बदहाल—
महिलाओं ने कहा कि चकदह गुलटेनी पोखर इस पूरे इलाके का एकमात्र बड़ा छठ घाट है। वार्ड 21 ही नहीं, बल्कि आसपास के वार्डों के सैकड़ों श्रद्धालु हर साल यहीं भगवान भास्कर को अर्घ्य देते हैं। लेकिन इस वर्ष पोखर की स्थिति बेहद दयनीय है। एक तरफ पोखर के चारों तरफ अवैध अतिक्रमण कर मिट्टी भरकर पक्का घर बनाया जा रहा है, जिससे पोखर का आकार दिन-प्रतिदिन सिकुड़ता जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ पोखर में कचरा, जलकुंभी और गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
अल्टीमेटम—
महिलाओं ने चेतावनी दी है कि अगर दो दिनों के अंदर नगर निगम द्वारा जेसीबी लगाकर पोखर को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया और साफ-सफाई शुरू नहीं की गई, तो वे अनिश्चितकालीन धरना पर बैठेंगी। नगर निगम कार्यालय का घेराव करेंगी। सुनीता देवी, रिंकू देवी और मंजू देवी ने बताया कि छठ नजदीक आते ही हम लोग हर साल नगर निगम से गुहार लगाते हैं, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिलता है। पोखर की उड़ाही और साफ-सफाई नहीं होने से छठ व्रतियों को कमर भर पानी और कीचड़ में उतरकर पूजा करनी पड़ेगी।
4 साल से आदेश पर धूल, CM QRT तक शिकायत—
वार्ड पार्षद इंदिरा देवी ने बताया कि चकदह गुलटेनी पोखर को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अतिक्रमण वाद में चार साल पहले ही आदेश पारित हो चुका है, लेकिन रहिका अंचल प्रशासन ने आज तक पोखर को कब्जा मुक्त नहीं कराया। प्रशासन मौन बना हुआ है।
स्थानीय मिहिर झा व आरटीआई एक्टिविस्ट सुभाष यादव उर्फ हनुमानजी ने बताया कि यह पोखर कभी लगभग 5 एकड़ में फैला था, जो अतिक्रमण के कारण सिकुड़कर 2 एकड़ से भी कम रह गया है।
मिहिर झा ने थक-हारकर मुख्यमंत्री जन शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई तो बिहार CM क्विक रिस्पांस टीम (QRT) की ओर से जवाब आया कि मापी प्रतिवेदन के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मापी प्रतिवेदन का खेल पिछले चार साल से चल रहा है। हल्का कर्मचारी द्वारा मापी कर रिपोर्ट अंचलाधिकारी, रहिका को सौंपी जा चुकी है, बावजूद इसके फाइल अंचल कार्यालय में ही दबी पड़ी है।
क्या कहते हैं सीओ—
“चकदह गुलटेनी पोखर के अतिक्रमण की शिकायत के आलोक में मापी कराई जाएगी। साफ-सफाई कार्य नगर निगम प्रशासन द्वारा किया जाना है।’
— रोहित कुमार, अंचल अधिकारी रहिका



