
प्राइवेट TV चैनलों के लिए नई और सख्त एडवाइजरी: आतंकी ऑपरेशन की लाइव कवरेज, हिंसक दृश्य, फेक AI वीडियो, डिबेट में भड़काऊ भाषा पर सख्ती
नई दिल्ली- 22 अक्टूबर। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सभी प्राइवेट सैटेलाइट TV चैनलों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने कहा है कि कई चैनल केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 की धारा 5 और नियम 6 के प्रोग्राम कोड का पालन नहीं कर रहे हैं। केबल टीवी (संशोधन) नियम, 2021 के तहत बनी इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी (IDC) ने पाया कि कई चैनलों पर एक ही विषय पर एक जैसी तस्वीरें, वीडियो इस तरह दिखाए जा रहे हैं जो प्रोग्राम कोड की भावना के खिलाफ है और अनुचित भाषा को सामान्य बनाया जा रहा है। इसी आधार पर मंत्रालय ने 7 बिंदुओं पर सख्त निर्देश दिए हैं।
आतंकी ऑपरेशन की लाइव कवरेज पूरी तरह बैन—
सुरक्षा बलों के आतंकवाद-रोधी अभियानों की लाइव कवरेज प्रतिबंधित है। कवरेज सिर्फ अधिकृत अधिकारी की ब्रीफिंग तक सीमित रखें और सभी ऐसे विजुअल पर टाइम-स्टैम्प लगाना अनिवार्य होगा। इस पर पहले 12.06.2024 और 26.04.2025 को भी एडवाइजरी जारी हुई थी।
हिंसक और विचलित करने वाले दृश्य—
हिंसक, ग्राफिक विजुअल दिखाते समय सावधानी, जिम्मेदारी और संपादकीय विवेक बरतें ताकि दर्शकों की शालीनता को ठेस न पहुंचे।
अपराध और हिंसा की रिपोर्टिंग—
अपराध की रिपोर्टिंग सत्यापित तथ्यों पर आधारित, संतुलित और जिम्मेदार हो। जानबूझकर गलत, भ्रामक और अर्ध-सत्य न परोसा जाए।
सनसनीखेज रिपोर्टिंग से बचें—
अपराध, हादसे और मौत की खबरों को इस तरह न दिखाएं कि गैरकानूनी व्यवहार का महिमामंडन हो। विचलित करने वाले दृश्यों को बार-बार लूप में न दिखाएं, जहां जरूरी हो ब्लर, मास्किंग करें। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध में Rule 6(1)(k) और (l) का पालन अनिवार्य है। 09.01.2023 की एडवाइजरी का पालन दोहराया गया।
प्राकृतिक आपदा और बड़े हादसों की कवरेज—
आपदा, हादसों के विजुअल पर अनिवार्य टाइम-स्टैम्प लगाएं ताकि पुराने वीडियो से दहशत न फैले। रिपोर्टिंग सत्यापित तथ्यों पर हो। 09.08.2024 और 18.11.2025 की एडवाइजरी का हवाला।
भारत का प्रामाणिक नक्शा ही दिखाएं—
देश की अखंडता के लिए सभी चैनल अपने प्रसारण, ग्राफिक्स में केवल Survey of India द्वारा प्रकाशित भारत के प्रामाणिक मानचित्र का ही उपयोग करें।
सांप्रदायिक सौहार्द और डिबेट प्रोग्राम
कोई भी कार्यक्रम, लाइव डिबेट और पैनल डिस्कशन सहित, सांप्रदायिक या राष्ट्र-विरोधी रवैये को बढ़ावा न दे। पैनलिस्टों के चयन में सावधानी बरतें और उन्हें पहले से सेन्सिटाइज करें। यदि कोई अपमानजनक, अभद्र या भड़काऊ बात कहे तो तुरंत म्यूट, डिस्क्लेमर, प्रसारण में बाधा या फीड काटने जैसे सुधारात्मक कदम उठाएं। 08.06.2023 की एडवाइजरी दोहराई गई।
8यौन अपराध पीड़ितों की पहचान गुप्त रखें—
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पीड़िता की पहचान – नाम, फोटो, परिवार का विवरण, लोकैलिटी या ऐसी कोई भी जानकारी जिससे पहचान हो सके, उजागर न करें। 13.09.2024 की एडवाइजरी दोहराई गई।
AI के उपयोग पर चेतावनी
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और Generative AI (ग्राफिक्स, वर्चुअल न्यूज प्रेजेंटेशन आदि) का उपयोग सिर्फ सहायक क्षमता तक सीमित रखें, जिससे खबर की सटीकता, प्रामाणिकता और संवेदनशीलता से समझौता न हो।
सभी ब्रॉडकास्टर्स अपना इंटरनल रिव्यू मैकेनिज्म बनाएं और एडिटोरियल व प्रोडक्शन टीम के लिए नियमित वर्कशॉप, ट्रेनिंग चलाएं ताकि प्रोग्राम कोड का लगातार पालन हो।
वैधानिक दायित्वों का पालन जरूरी है, उल्लंघन पर केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 के तहत कार्रवाई होगी।
यह आदेश सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से जारी किया गया है। इसकी कॉपी TV चैनलों के Self-Regulatory Bodies, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एसोसिएशन, Broadcast Sewa Portal और मंत्रालय की वेबसाइट पर भेजी गई है।



