भारत

बाबा रामदेव ने कहा- पुरखों की विरासत को आगे बढ़ा रहे CM हेमंत सोरेन

रामगढ़- 18 अक्टूबर। योग गुरु बाबा रामदेव ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ‘लेजेंडरी मुख्यमंत्री’ बताते हुए कहा कि वह पुरुषार्थ और अदम्य साहस के साथ अपने पुरखों की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए वह आदिवासी समाज के साथ-साथ सर्वसमाज को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। बाबा रामदेव रविवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा पहुंचे थे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री की माता रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

मीडिया से बातचीत में बाबा रामदेव ने कहा कि रूपी सोरेन शक्ति स्वरूपा थीं। वह स्वर्गीय शिबू सोरेन की आत्मा और पूरे परिवार को एक सूत्र में बांधकर रखती थीं। पहले शिबू सोरेन और अब रूपी सोरेन का निधन सोरेन परिवार के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा कि रूपी सोरेन ने केवल अपने परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड को अपना परिवार माना।

बाबा रामदेव ने कहा कि हेमंत सोरेन के लिए उनकी मां रूपी सोरेन देवी स्वरूप थीं। मुख्यमंत्री अपने पिता शिबू सोरेन और पुरखों की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। उनका अदम्य साहस उन्हें एक ‘लेजेंडरी मुख्यमंत्री’ के रूप में स्थापित करता है।

बाबा रामदेव ने कहा कि हेमंत सोरेन आदिवासी समाज से लेकर सर्वसमाज तक को साथ लेकर चल रहे हैं। झारखंड को शिक्षा, चिकित्सा और मानव संसाधन के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं। राज्य के जल, जंगल और जमीन की रक्षा करते हुए विकास को गति देना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

योग गुरु ने हेमंत सोरेन को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि वह सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक, आध्यात्मिक और राजनीतिक क्षेत्रों में लोगों को आगे बढ़ाने के लिए पुरुषार्थ कर रहे हैं।

योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि सोरेन परिवार से उनका संबंध करीब ढाई दशक पुराना है। स्वर्गीय शिबू सोरेन को याद करते हुए उन्होंने कहा कि गुरुजी साधारण वेशभूषा में रहने वाले ऋषि जैसे व्यक्तित्व के धनी थे। वह धरती पुत्र, प्रकृति पुत्र और महात्मा स्वभाव के व्यक्ति थे। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन की जीवनशैली और विचारों में भारतीय परंपरा की झलक दिखाई देती थी। उसी ऋषि परंपरा और स्वदेशी व सनातन विरासत को लेकर वे भी आगे बढ़ रहे हैं।

बाबा रामदेव ने कहा कि पूज्य माता रूपी सोरेन के निधन से उन्हें गहरा दुख हुआ है। उनकी आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के साथ वह नेमरा पहुंचे हैं। मां का साया, उनकी छाया और आशीर्वाद जीवन में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को आशीर्वाद देने और दुख की इस घड़ी में उन्हें संबल प्रदान करने के उद्देश्य से वह यहां आए हैं। सोरेन परिवार के साथ उनका आत्मीय स्नेह रहा है। यहां आकर रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने से उनके मन को भी शांति और आत्मिक संतुष्टि मिली है।

बाबा रामदेव ने स्वर्गीय शिबू सोरेन को इस सदी का महानायक बताते हुए कहा कि उनका योगदान केवल आदिवासी समाज तक सीमित नहीं था, बल्कि वह भारत की मूल आत्मा और सांस्कृतिक विरासत के संवाहक थे। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति, प्रकृति, जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में शिबू सोरेन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

बाबा रामदेव के अनुसार, भारत की संस्कृति और समाज को समझने के संदर्भ में शिबू सोरेन का नाम देश-विदेश में भी जाना जाता है। उन्होंने गुरुजी को भारतीय परंपरा और प्रकृति-केंद्रित जीवन दर्शन का पुरोधा बताया।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!