
BIHAR:- मधुबनी में मध्यमा परीक्षा 2027 को लेकर बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड की अहम बैठक, दोगुने विद्यार्थियों को शामिल कराने का लक्ष्य
मधुबनी- 18 अक्टूबर। मध्यमा परीक्षा 2027 की तैयारी को लेकर बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड की एक महत्वपूर्ण बैठक मधुबनी में आयोजित की गई। बैठक में विद्यार्थियों के पंजीकरण, विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल बेहतर बनाने और परीक्षा परिणाम सुधारने पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने की। इस दौरान बोर्ड सदस्य अरुण कुमार झा सहित जिले के विभिन्न संस्कृत उच्च विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और शिक्षक मौजूद रहे।
बोर्ड अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने कहा कि मधुबनी जिला संस्कृत शिक्षा में हमेशा अग्रणी रहा है। पिछले वर्ष मध्यमा परीक्षा 2026 में मधुबनी का प्रदर्शन पूरे बिहार में सर्वश्रेष्ठ रहा था, जिले से लगभग 2,650 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। इस बार 2027 में इस संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि मधुबनी में संस्कृत विद्यालयों की संख्या अधिक है और समाज में संस्कृत के प्रति विशेष लगाव है। प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को निर्देश दिया गया कि वे विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने, नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें।
जनवरी-फरवरी में होगी ऑनलाइन तैयारी—
परीक्षा परिणाम बेहतर करने के लिए बोर्ड द्वारा जनवरी-फरवरी में पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन तैयारी कराने की योजना है। इससे विद्यार्थियों की विषयगत समझ और उत्तर लिखने की क्षमता बेहतर होगी।
प्रोत्साहन राशि पर भी चर्चा—
बैठक में प्रथम श्रेणी से पास होने वाले छात्रों को मिलने वाली 10,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि का मुद्दा भी उठा। अध्यक्ष ने बताया कि इस संबंध में शिक्षा विभाग के स्तर पर पहल की जा रही है और जल्द सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है। इस दौरान अरुण कुमार झा को मधुबनी जिले में संस्कृत विद्यालयों के समन्वय और समस्याओं के समाधान की विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में प्रजापति ठाकुर, विजय कुमार मिश्रा सहित कई प्रधानाध्यापक मौजूद थे।



