
BIHAR:- राष्ट्रीय आयोग के दखल के बाद हरकत में आया मधुबनी प्रशासन, 17 सरकारी चिकित्सक समेत 77 पर SC-ST एक्ट में FIR दर्ज
मधुबनी- 15 अक्टूबर। बिहार राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य संजय कुमार की शिकायत को महीनों तक टालने के बाद आखिरकार मधुबनी पुलिस को 17 सरकारी चिकित्सक समेत 77 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करनी पड़ी है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय SC-ST आयोग के हस्तक्षेप के बाद हुई है।
क्या है पुरा मामला?
आयोग सदस्य संजय कुमार ने पहले मधुबनी डीएम-एसपी से शिकायत की, फिर दरभंगा आईजी को ई-मेल किया। जिला स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने राष्ट्रीय आयोग को पत्र लिखा। राष्ट्रीय आयोग ने डीएम और एसपी को दिल्ली तलब कर फटकार लगाई, तब जाकर एससी-एसटी थाने में कांड दर्ज हुआ।
चिकित्सक सहित 77 लोगों पर FIR—-
थानाध्यक्ष चन्द्रकिशोर दत्त के अनुसार 14 चिकित्सक नामजद, 3 चिकित्सक को पहचान के आधार पर एवं 60 अन्य लोगों पर SC-ST एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। नामजद डॉक्टरों में रहिका,लदनियां,बाबूबरही,पंडौल और अंधराठाढ़ी पीएचसी के प्रभारी के साथ-साथ कर्मचारी नेता डॉ. अशोक कुमार आनंद,डॉ. कुणाल कौशल, डॉ. निरंजन कुमार समेत कई बड़े चिकित्सकों के नाम शामिल हैं।
SDPO करेंगे मामले की जांच—
एसपी योगेन्द्र कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच सदर एसडीपीओ अमित कुमार को सौंपी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। वहीं इस प्राथमिकी के बाद मधुबनी जिले के सरकारी चिकित्सकों में हड़कंप मचा हुआ है।



