
देश भर में मस्जिद-दरगाहों पर कार्रवाई के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, सांसद इकरा हसन का आरोप, कहा- एक सोची समझी रणनीति के तहत मस्जिदों को बनाया जा रहा निशाना
नई दिल्ली- 29 सितंबर। देश भर में मस्जिदों, दरगाहों और मदरसों पर कथित तोड़फोड़ की कार्रवाई के खिलाफ आज जंतर-मंतर पर मॉनिटरिंग कमेटी ऑफ इंडियन मुस्लिम्स की ओर से धरना प्रदर्शन किया गया। कमेटी का आरोप है कि पुलिस ने देर रात प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर पर जमा हुए।
पुलिस ने मौके पर मौजूद कई नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों से हटाया।
कमेटी ने क्या कहा?
कमेटी के संयोजक और पूर्व सांसद मो. अदीब ने कहा कि उन्होंने पुलिस से धरने की अनुमति मांगी थी, लेकिन रविवार देर रात अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की आजादी का उल्लंघन बताया। धरने में शामिल सांसद मोहिबुल्ला नदवी ने कहा कि कई मस्जिदों को अवैध बताकर तोड़ा जा रहा है। अदालतों से समय पर इंसाफ नहीं मिल रहा है।
सांसद इकरा हसन ने आरोप लगाया कि एक सोची-समझी रणनीति के तहत मस्जिदों को निशाना बनाया जा रहा है। कई मस्जिदों के कागजात मौजूद होने के बावजूद कार्रवाई हो रही है। जमात-ए-इस्लामी हिंद के अमीर सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद का उदाहरण देते हुए कहा कि उसे रात में गिराया गया, जबकि उसके कागजात मौजूद थे।
कौन-कौन रहा मौजूद?
आयोजकों के अनुसार, इस प्रदर्शन में पूर्व सांसद कुंवर दानिश अली, मौलाना अताउर्रहमान कासमी, जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष मलिक मोतसिम खान, सिख नेता सरदार दया सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता हुदा जरीवाला, फिरोज मुजफ्फर और कार्यक्रम के आयोजक अंजरुल बारी समेत कई बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।



