भारत

महिलाएं देश की सबसे बड़ी ताकत हैं: राहुल गांधी

मुंबई- 22 अगस्त। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में कहा कि महिलाएं देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की पहचान केवल बेटी, पत्नी या मां के रूप में नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनकी अपनी स्वतंत्र पहचान, सपने और आकांक्षाएं भी हैं।

राहुल गांधी शनिवार को पुणे में आयोजित छात्रों के ‘गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की महिलाएं “70 करोड़ अनोखी यात्राओं, अनोखी कल्पनाओं और अनोखे सपनों” का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं संवेदनशीलता, करुणा और दूरदर्शिता जैसे गुणों के कारण देश की महत्वपूर्ण ताकत हैं। लेकिन समाज अक्सर उन्हें तीन भूमिकाओं—बेटी, पत्नी और मां—तक सीमित कर देता है।

उन्होंने कहा कि इन रिश्तों में कुछ गलत नहीं है, लेकिन ये किसी महिला की पूरी पहचान नहीं हो सकते। महिलाएं पेशेवर, खिलाड़ी, कलाकार या अपनी पसंद के किसी भी क्षेत्र में स्वतंत्र पहचान बना सकती हैं। उन्होंने कहा कि बेटी, पत्नी और मां जैसी पारंपरिक पहचानें अक्सर पुरुषों के साथ रिश्तों के आधार पर तय की जाती हैं। गांधी ने सवाल उठाया कि महिलाओं की पहचान उनके अपने व्यक्तित्व और उपलब्धियों के आधार पर क्यों नहीं हो सकती।

महिलाओं की स्वतंत्रता के मुद्दे पर राहुल गांधी ने उस विचार की आलोचना की, जिसमें महिलाओं को जीवन के अलग-अलग चरणों में पिता, पति और पुत्र के अधीन रखने की बात कही गई है। उन्होंने इसे महिलाओं की स्वतंत्रता के खिलाफ बताया और कहा कि महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने तथा खुद पर विश्वास करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

राहुल गांधी ने कहा, “इस देश की सबसे बड़ी ताकत यह है कि हमारी महिलाओं को आज़ाद होना चाहिए, अपने लिए खड़ा होना चाहिए और खुद पर विश्वास करना चाहिए।” उन्होंने कहा कि महिलाएं पिता, भाई, पति और बेटों के साथ रिश्ते रख सकती हैं, लेकिन इन रिश्तों से उनकी स्वतंत्र पहचान और आज़ादी तय नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं को किसी को कुछ साबित करने की जरूरत नहीं है और उन्हें अपनी पहचान खुद तय करने का अधिकार होना चाहिए।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को जानने का प्रयास किया। इस कार्यक्रम में, एक युवती ने पुणे में चल रहे आदिवासी छात्रों के भूख हड़ताल का मुद्दा राहुल गांधी के ध्यान में लाया। आदिवासी छात्र हॉस्टल को लेकर राज्य सरकार के एक फैसले का विरोध कर रहे हैं, और इसके लिए मंजरी इलाके में आंदोलन चल रहा है। इस आंदोलन की जानकारी मिलने के बाद, राहुल गांधी ने कहा, “मुझे भूख हड़ताल वाली जगह पर बुलाओ।” कार्यक्रम की शुरुआत में ही राहुल गांधी ने साफ़ कर दिया था कि वे आज पॉलिटिक्स पर बात नहीं करेंगे। इसलिए छात्रों के साथ बातचीत मुख्य रूप से युवाओं, महिलाओं और भारत के भविष्य जैसे मुद्दों पर फोकस रही।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!