भारत

भारत के दूरसंचार क्षेत्र और डिजिटलाइजेशन में आई क्रांति: सिंधिया

भोपाल- 04 अगस्त। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 साल में भारत के दूरसंचार क्षेत्र और डिजिटलाइजेशन में नई क्रांति देखने को मिली है। पहले भारत 2 जी पर निर्भर रहता था, आज हमारा देश विश्व का दूसरा बड़ा टेलीकॉम आत्मनिर्भर देश बन चुका है। भारत में 5 जी सेक्टर में वर्तमान समय में 50 करोड़ से अधिक उपभोक्ता हैं।

केंद्रीय मंत्री सिंधिया मंगलवार को मुम्बई में टेलीकॉम मैन्युफेक्चरिंग जोन, ग्वालियर में उद्योगपति और निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए आयोजित राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भविष्य की जरूरतों के मुताबिक 130 साल पुराने टेलीकॉम एक्ट में परिवर्तन किए और देश को आधुनिक टेलीकॉम आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एक रोडमैप और रन-वे प्रदान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘लोकल फॉर वोकल’ को प्रमोट किया है। उनकी सोच है- मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड। उनके नेतृत्व में हम सभी विकसित भारत @ 2047 के संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं। विकसित भारत के विजन में टेलीकॉम सेक्टर एक सेंट्रल नर्वस सिस्टम (सीएनएस) की तरह है।

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि यह विकास के एक अदृश्य हाइवे की तरह है। प्रधानमंत्री मोदी भारत को सर्विस आधारित देश से प्रोडक्ट वाले देश के रूप में परिवर्तित करना चाहते हैं। देश में कभी 5 करोड़ फोन बनते थे और हमें अपनी जरूरत के 85 प्रतिशत फोन दूसरे देशों से आयात करने पड़ते थे। आज भारत में प्रतिवर्ष 33 करोड़ फोन तैयार होते हैं। एपल जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनी के लगभग 20 प्रतिशत फोन भारत में निर्मित हो रहे हैं। आज भारत में यूपीआई से 20 बिलियन डिजिटल ट्रांजेक्शन हो रहे हैं। हमने 9 देशों को यूपीआई टेक्नोलॉजी दी है। ग्वालियर के टीएमजेड में टेलीकॉम सेक्टर की लिए जरूरी इको सिस्टम उपलब्ध होगा।

सिंधिया ने कहा कि भारत सरकार टेलीकॉम सेक्टर के निवेशकों को प्लग एंड प्ले फैसिलिटी उपलब्ध कराना चाहती है। मध्य प्रदेश सरकार इसके लिए आगे आई है। यहां दूरसंचार मंत्रालय और मध्य प्रदेश सरकार ने मिलकर ग्लोबल स्टैंडर्ड और बेस्ट इन क्लास फैसिलिटी तैयार करने का संकल्प लिया है। पहले फेज के लिए 170 एकड़ जमीन उपलब्ध है। निवेशकों को 2 रुपये प्रति यूनिट बिजली दी जाएगी। बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए 5000 रुपये प्रति श्रमिक वेतन सहायता, कौशल उन्नयन के लिए 13 हजार रुपये प्रति कर्मचारी सब्सिडी दी जाएगी। ग्वालियर में शीघ्र ही टेलीकॉम मेन्यूफेक्चरिंग जोन का भूमि-पूजन होगा। नई दिल्ली के आयोजन के बाद 17 कंपनियां निवेश के लिए पहल कर चुकी हैं।

वहीं केन्द्रीय दूरसंचार सचिव अमित अग्रवाल ने कहा कि मुंबई रोड-शो भारत के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग मिशन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। ग्वालियर का टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन देश का पहला समर्पित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन है। उन्होंने कहा कि केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार की साझेदारी से प्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर को नई दिशा मिल रही है। अग्रवाल ने उद्योगों से ग्वालियर में निवेश कर भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वस्तरीय टेस्टिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग इको सिस्टम विकसित करने पर बल देते हुए कहा कि इससे आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को गति मिलेगी और वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भूमिका और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टीएमजेड के विकास से निवेश, नवाचार और रोजगार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

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