
PATNA: मधुबनी में बंदी रौशन यादव की मौत मामले में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की
पटना/मधुबनी – 23 अगस्त। मधुबनी जिले के रामपट्टी मंडल कारा में 10 अगस्त को मृत पाए गए बंदी 19 वर्षीय रौशन यादव की मौत का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। तेजस्वी यादव ने NHRC को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि रौशन यादव की मौत की परिस्थितियां संदिग्ध हैं। इसकी स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।

क्या है पूरा मामला—
जिले के अरेड थाना क्षेत्र के परकौली निवासी रौशन कुमार यादव को रहिका थाना कांड संख्या 141/26 आर्म्स एक्ट में 27 मई को गिरफ्तार कर मंडल कारा रामपट्टी भेजा गया था।
जेल प्रशासन के अनुसार 10 अगस्त की शाम रौशन ने गमछे से फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया, जिसके बाद उसे सदर अस्पताल मधुबनी लाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं हत्या है। रौशन की मां फूलो देवी ने अरेड थाने में दिए आवेदन में कहा है कि 8 अगस्त को बहन ममता कुमारी जब जेल में मिलने गई थी तो रौशन पूरी तरह स्वस्थ था। 10 अगस्त की रात 1 बजे रहिका थाना से मौत की सूचना दी गई। जब परिवार सदर अस्पताल पहुंचा तो रोशन की पीठ पर लाल-लाल दाग और गर्दन पर काला लंबा निशान था। परिवार ने पुलिस हिरासत में जेल प्रशासन की मिलीभगत से पीट-पीटकर और बिजली का झटका देकर मारने का आरोप लगाया है।
रौशन यादव के परिवार को 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता—
बतादें कि 20 अगस्त शाम तेजस्वी यादव परकौली स्थित रौशन यादव घर पहुंचे। उन्होंने मां फूलो देवी और बहनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। इस दौरान तेजस्वी ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की ओर से रौशन यादव के परिवार को 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और रौशन यादव की एक बहन को मधुबनी मेडिकल कॉलेज में नौकरी दिलाने का ऐलान किया। उन्होंने रामपट्टी जेल अधीक्षक, ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी और रहिका थाने के SHO को तत्काल निलंबित करने की भी मांग की।



