
मधुबनी नगर निगम क्षेत्र में जलमीनारों से बिजली विभाग को लाखों का नुकसान, वार्ड 3 का मामला आया सामने
मधुबनी- 12 सितंबर। मधुबनी नगर निगम क्षेत्र में चल रहे अनेकों जलमीनार और सबमर्सिबल से बिजली विभाग को हर महीने लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार, कई जलमीनार और सबमर्सिबल का बिजली कनेक्शन बिना मीटर या अवैध तरीके से चल रहा है, जिससे विभाग को बिल की वसूली नहीं हो पा रही है।
इस सिलसिले में ताजा मामला नगर निगम के वार्ड 3 का सामने आया है, जहां जलमीनार लगातार चलने के बावजूद बिजली बिल का भुगतान नहीं हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलापूर्ति के नाम पर बिजली की बर्बादी हो रही है और मोटरें घंटों चालू रहती हैं। बताया जा रहा है कि कई वार्डों में इसी तरह की स्थिति है, जिससे बिजली विभाग को सालों से लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। वार्ड 3 के एक युवक ने बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (SBPDCL) के कार्यपालक अभियंता को आवेदन देकर पूरे मामले की जांच और विद्युत चोरी के तहत कार्रवाई की मांग की है। दिए गए आवेदन के अनुसार, रहिका प्रखंड अंतर्गत पंचायती राज विभाग द्वारा लगाया गया नल-जल का बोरिंग 80% काम कर अधूरा छोड़ दिया गया था। इसी अधूरे पड़े सरकारी बोरिंग, मोटर और स्टार्टर पर पिछले 3 साल से स्थानीय भू-स्वामी ने कब्जा कर रखा है।
आवेदक ने सवाल उठाया है कि यह भारी क्षमता की मोटर आखिर किस बिजली कनेक्शन से चल रही है? आशंका जताई जा रही है कि इसे घरेलू कनेक्शन या अवैध कनेक्शन से चलाकर बिजली विभाग को हर महीने हजारों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जो विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत दंडनीय अपराध है।
कार्यपालक अभियंता से मांग की गई है कि स्थल पर तकनीकी जांच कर लोड का सत्यापन किया जाए, विद्युत चोरी पाए जाने पर जुर्माना और FIR दर्ज की जाए। सरकारी बोरिंग को मुक्त कराया जाए। इस संबंध में बिजली विभाग के अधिकारियों से बात करने पर उन्होंने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। बकाया वसूली की प्रकिया शुरु किया जाएगा।



