
MADHUBANI के भेजा को प्रखंड बनाने के लिए मिथिलांचल संघर्ष समिति करेगा जनआंदोलन : इं. गौरीशंकर यादव
मधुबनी- 02 अगस्त। जिले के मधेपुर प्रखंड के भेजा को प्रखंड बनाने की मांग को लेकर आंदोलन शुरु किया जाएगा। भेजा को प्रखंड बनाने की सरकारी घोषणा दो दशक बाद भी छलावा साबित हुआ है। उक्त बातें मिथिलाचंल संघर्ष समिति के अध्यक्ष इं. गौरीशंकर यादव ने कहीं।
घोघरडीहा बाजार स्थित समिति कार्यालय में बैठक को संबोधित करते अध्यक्ष इं. गौरीशंकर यादव ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाका भेजा थाना क्षेत्र के भेजा, बकुआ, भरगामा, महापतिया, द्वालख, करहारा, गढगांव, बस्तीपट्टी भवानीपुर पंचायत के करीब डेढ़ लाख की आबादी कोसी के गर्भमें बसे होने से इन्हें सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल रहा है। कोसी के गर्भ में हर साल बाढ़ का कहर झेल रहे लोगों को कोसी नदी पार कर दस से बीस किमी की दूरी तय कर मधेपुर प्रखंड आना पड़ता है। लोगों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए बीस किमी की दूरी तय कर मधेपुर पीएससी जाना होता है। बाढ़ के दिनों में सर्पदंश की घटना सबसे अधिक होती है। इलाके के लोगों को समुचित स्वास्थ्य सुविधा के लिए भेजा में रेफरल अस्पताल की स्थापना काफी आवश्यक है। इलाके के बाढ प्रभावित नब्बे प्रतिशत लोगों को बाढ़ मुआवजा राशि का लाभ नहीं मिल पाता है।उन्होंने कहा कि भेजा को प्रखंड बनाने की मांग को लेकर भेजा थाना क्षेत्र के 13 पंचायतों में जनसंपर्क शुरू किया जाएगा। मधेपुर प्रखंड कार्यालय और मधुबनी समाहरणालय के समक्ष धरना दिया जाएगा।
दो दशक पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद भेजा उच्च विद्यालय मैदान में सभा में तत्कालीन सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव के समक्ष भेजा को प्रखंड बनाने की घोषणा किया गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी भेजा को प्रखंड बनाने का आश्वासन दिया गया था। मधेपुर प्रखंड के 26 पंचायत में से 13 पंचायत को मिलाकर भेजा थाना संचालित है।उन्होंने बताया कि भेजा के अलावा बेनीपट्टी के अड़ेर और राजनगर प्रखंड के रामपट्टी को भी प्रखंड बनाने की मांग का आश्वासन दिया गया था।



