
‘यूपी-बिहार वालों’ पर टिप्पणी कर घिरे कल्याण बनर्जी, BJP ने कहा- हार की बौखलाहट में दे रहे अनर्गल बयान
हुगली- 13 मई। श्रीरामपुर के सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तृणमूल कांग्रेस सांसद के बयान की तीखी आलोचना हो रही है। भाजपा नेताओं ने इसे हिंदीभाषी समाज का अपमान बताते हुए कड़ी निंदा की है।
हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कल्याण बनर्जी ने कहा था कि “यूपी-बिहार के लोग गुटखा खाने वाले हैं” और भाजपा की जीत के बाद वे बंगाल में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं। बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया जाने लगा और विभिन्न संगठनों तथा राजनीतिक दलों ने भी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी।
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए रिषड़ा नगरपालिका के 11 नंबर वार्ड की पार्षद शशि सिंह झा ने बुधवार को कहा कि कल्याण बनर्जी का बयान बेहद आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सांसद को अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
शशि सिंह झा ने कहा कि जिन यूपी-बिहार के लोगों को आज कल्याण बनर्जी अपमानित कर रहे हैं, उन्हीं लोगों को उन्होंने पहले नगरपालिकाओं में महत्वपूर्ण पदों पर बैठाया था। उत्तरपाड़ा, रिषड़ा और चांपदानी जैसे इलाकों में यूपी-बिहार मूल के लोगों को ही चेयरमैन और वाइस चेयरमैन बनाया गया। जो लोग कल तक उन्हें प्रिय थे, आज उन्हीं के खिलाफ अनाप-शनाप बयान दिए जा रहे हैं।
वहीं, श्रीरामपुर के नवनिर्वाचित विधायक भास्कर भट्टाचार्य ने भी कल्याण बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेता बौखला गए हैं और इसी कारण इस तरह के गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं।
भाजपा नेताओं का कहना है कि बंगाल में रहने वाले हिंदीभाषी लोगों ने राज्य के विकास, उद्योग और व्यापार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और किसी भी समुदाय के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी।



