
भव्य सीता उत्सव: सनातनी गंगा फाउंडेशन की श्रीलंका में ऐतिहासिक पहल, अशोक वाटिका में गूंजेगा जय माता सीता
पटना – 09 सितंबर। सनातनी गंगा फाउंडेशन के तत्वावधान में श्रीलंका की पावन धरती पर भव्य सीता उत्सव (सीतोत्सव) का आयोजन प्रस्तावित है। सनातनी गंगा फाउंडेशन के संस्थापक कैप्टन प्रवीण कुमार द्वारा इस दिव्य यात्रा की संकल्प लिया गया है। जिसमें भारत के अनेक धार्मिक संस्थाओं, मंदिरों के विद्धान, 12ज्योर्तिलिंग के महामंडलेश्वर, सिद्धी विनायक के महानुभावों के साथ प्रसिद्ध फेस रीडर व ज्योतिषाचार्य पं. शंभूनाथ झा, पंकज मोहन, ज्योतिषाचार्या ज्योति सिन्हा सहित 200 लोग शामिल होंगे। गंगा फाउंडेशन के संस्थापक कैप्टन प्रवीण कुमार ने बताया कि यह सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की पवित्र पहल है। फाउंडेशन के प्रतिनिधि ने मुंबई स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी से मुलाकात की। इस दौरान श्रीलंका में प्रस्तावित सीता उत्सव को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। आचार्य जी ने इस पवित्र आयोजन में शामिल होने की सहमति दी है। वे 12 ज्योतिर्लिंगों के पुरोहितों के साथ श्री सिद्धिविनायक मंदिर का प्रतिनिधित्व करेंगे। फाउंडेशन के अनुसार, भगवान श्रीराम के चरित्र को लंका से जुड़े प्रसंगों के बिना पूरा नहीं समझा जा सकता। माता सीता का लंका में लगभग 10 महीने का प्रवास सिर्फ वियोग की कहानी नहीं, बल्कि एक स्त्री के आत्मबल, स्वाभिमान, पवित्रता और साहस का शाश्वत संदेश है।
अशोक वाटिका में होंगे मुख्य कार्यक्रम
अशोक वाटिका यह उत्सव का प्रमुख केंद्र होगा, जहां माता सीता ने अपने बंदी जीवन का महत्वपूर्ण समय बिताया था। जहां हनुमान ने उन्हें श्रीराम का संदेश और अंगूठी दी थी। अशोक वाटिका में माता सीता का विशेष दिव्य श्रृंगार और हजारों दीपों से दीपोत्सव का आयोजन होगा। अर्जुन पुरस्कार विजेता सुनीता गोदारा के मार्गदर्शन में ‘रन फॉर सीता’ का आयोजन होगा, जो नारी शक्ति और सम्मान का संदेश देगा।
श्रीलंका में 12 ज्योतिर्लिंगों से जुड़े पुरोहितों द्वारा विशेष रुद्राभिषेक किया जाएगा। श्रद्धालु विभीषण और रावण से जुड़े स्थलों, रामायण से जुड़े अन्य ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन करेंगे।
यह यात्रा 16 से शुरू होकर 20 दिसंबर तक चलेगी
सनातनी गंगा फाउंडेशन द्वारा श्रीलंका में प्रस्तावित ऐतिहासिक अभियान के तहत 4 रात, 5 दिन की विशेष तीर्थ यात्रा का कार्यक्रम जारी किया गया है। यह यात्रा 16 दिसंबर से शुरू होकर 20 दिसंबर तक चलेगी। 16 दिसंबर को कोलंबो से नुवाराएलिया भंडारनायके इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आगमन और स्वागत के बाद सभी श्रद्धालु श्रीलंका की सुंदर हिल कैपिटल नुवारा एलिया के लिए रवाना होंगे। 17 दिसंबर को सीता उत्सव में शामिल होंगे।
इस दिन श्रद्धालु मुख्य सीता उत्सव समारोह में भाग लेंगे, जहां आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। 18 दिसंबर को रामायण ट्रेल दर्शन यात्रा का सबसे पवित्र दिन होगा, जिसमें इन स्थलों के दर्शन होंगे। श्री भक्त हनुमान मंदिर, अशोक वाटिका (सीता एलिया) जहां माता सीता को बंदी बनाकर रखा गया था और हनुमान जी ने उनसे भेंट की थी। दिवुरुम्पोला मंदिर वह पवित्र स्थल जहां माता सीता ने अग्नि परीक्षा दी थी।
19 दिसंबर नुवारा एलिया से मातारा नुवारा एलिया से दक्षिणी तट की ओर प्रस्थान। रास्ते में रावण फॉल्स रामायण से जुड़ा प्रसिद्ध झरना, रावण गुफा राजा रावण के निवास से जुड़ी गुफा के दर्शन के बाद मातारा के बीच होटल में रात्रि विश्राम। 20 दिसंबर को पूजा, रुद्राभिषेक और विदाई। अंतिम दिन 12 ज्योतिर्लिंगों के पुरोहितों और सिद्धिविनायक मंदिर के आचार्य पवन त्रिपाठी के सानिध्य में विशेष पूजा और रुद्राभिषेक का आयोजन होगा।



