
बिहारः- NBCC के साथ विकास की नई पहल; आधुनिक सुविधाओं और मिथिला की सांस्कृतिक पहचान के साथ संवरेगा मधुबनी
मधुबनी– 23 अगस्त। मधुबनी के समग्र, सुनियोजित, आधुनिक एवं सतत विकास की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने आज NBCC (India) Limited, भारत सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। NBCC राज्य में शहरी आधारभूत संरचना के विकास के क्षेत्र में नगर विकास एवं आवास विभाग (UDHD), बिहार सरकार के साथ निकट समन्वय में कार्य कर रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में बैठक के दौरान मधुबनी शहर की आधारभूत संरचना के उन्नयन, आधुनिक नागरिक सुविधाओं के विकास तथा मधुबनी की विशिष्ट मिथिला कला एवं सांस्कृतिक पहचान को पर्यटन एवं स्थानीय आर्थिक विकास से जोड़ने की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में विशेष रूप से दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों—Integrated Waste Management System तथा PPP मोड पर ‘Mithila Arts Experience Centre’—को विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। साथ ही इन प्रस्तावों को तकनीकी एवं वित्तीय रूप से व्यवहार्य परियोजनाओं के रूप में आगे बढ़ाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया गया।
एकीकृत कचरा प्रबंधन से स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित मधुबनी की दिशा में पहल—
बैठक में मधुबनी शहर के लिए आधुनिक Integrated Waste Management System विकसित करने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अंतर्गत कचरे के संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण, उपचार एवं वैज्ञानिक निस्तारण की समेकित व्यवस्था विकसित करने की परिकल्पना की गई है।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि शहरी स्वच्छता को केवल कचरा उठाव अथवा साफ-सफाई तक सीमित नहीं रखा जा सकता। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, बेहतर नागरिक सुविधाओं तथा शहर में जीवन की गुणवत्ता से सीधे जुड़ा हुआ विषय है। इसलिए कचरा प्रबंधन की पूरी श्रृंखला को वैज्ञानिक, प्रभावी एवं टिकाऊ व्यवस्था के रूप में विकसित किए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने NBCC के अधिकारियों को मधुबनी की स्थानीय परिस्थितियों, वर्तमान आवश्यकताओं एवं भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐसा मॉडल तैयार करने पर जोर दिया, जो व्यावहारिक, दीर्घकालिक एवं परिणामोन्मुख हो।
‘Mithila Arts Experience Centre’ से कला, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया मंच
मधुबनी की विश्वविख्यात मिथिला चित्रकला एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक स्वरूप में व्यापक मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से PPP (Public-Private Partnership) मोड पर ‘Mithila Arts Experience Centre’ विकसित करने के प्रस्ताव पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।
प्रस्तावित केंद्र को केवल प्रदर्शनी स्थल तक सीमित न रखते हुए मिथिला की कला एवं संस्कृति का समग्र अनुभव प्रदान करने वाले केंद्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है। इसमें मिथिला चित्रकला एवं अन्य पारंपरिक कलाओं के प्रदर्शन, प्रदर्शनी, प्रचार-प्रसार एवं बिक्री की सुविधाओं को एकीकृत करने की संभावना पर विचार किया गया।
इस पहल से स्थानीय कलाकारों एवं शिल्पकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने और बेहतर बाजार से जुड़ने का अवसर मिलने के साथ-साथ पर्यटकों एवं कला-प्रेमियों को मिथिला की विशिष्ट कलात्मक एवं सांस्कृतिक परंपरा को निकट से जानने एवं अनुभव करने का अवसर प्राप्त होगा।
जिला पदाधिकारी श्री आनंद शर्मा ने कहा कि मधुबनी की कला एवं संस्कृति केवल जिले की पहचान ही नहीं, बल्कि स्थानीय आर्थिक विकास की एक महत्वपूर्ण क्षमता भी है। इसे पर्यटन, आधुनिक बाजार एवं बेहतर सुविधाओं से जोड़कर कलाकारों एवं शिल्पकारों के लिए नए आर्थिक अवसर सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने इस अवधारणा को व्यावहारिक, आर्थिक रूप से व्यवहार्य एवं दीर्घकालिक मॉडल के रूप में विकसित करने पर विशेष बल दिया।
आधुनिकता के साथ मधुबनी की विशिष्ट पहचान का होगा समावेश—
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि मधुबनी में आधारभूत संरचना का विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका प्रत्यक्ष लाभ नागरिकों को मिले और शहर की समग्र गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार दिखाई दे।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि मधुबनी को आधुनिक सुविधाओं से युक्त शहर के रूप में विकसित करते समय इसकी मिथिला कला, संस्कृति एवं स्थानीय पहचान को विकास प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए। आधुनिक शहरी सुविधाओं और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत के समन्वय से मधुबनी के लिए एक विशिष्ट एवं दीर्घकालिक शहरी विकास मॉडल तैयार किया जा सकता है।
DPR तैयार कर परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर—
जिला पदाधिकारी ने NBCC के अधिकारियों को प्रस्तावित परियोजनाओं के तकनीकी, वित्तीय एवं क्रियान्वयन संबंधी पहलुओं का विस्तृत आकलन करते हुए Detailed Project Report (DPR) तैयार करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा, ताकि परियोजनाओं को व्यावहारिक स्वरूप देकर आगे की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जा सके।
प्रस्तावित परियोजनाओं को नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार तथा संबंधित संस्थाओं के आवश्यक समन्वय से चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाने पर भी बल दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य ऐसी परियोजनाओं को विकसित करना है जो नागरिक-केंद्रित, परिणामोन्मुख, आर्थिक रूप से व्यवहार्य एवं दीर्घकालिक हों। आधुनिक आधारभूत संरचना के विकास के साथ मधुबनी की कला एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन तथा उसे पर्यटन एवं आर्थिक अवसरों से जोड़ना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
विशेषज्ञ संस्थाओं एवं संबंधित विभागों के समन्वय से प्रस्तावित परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाते हुए मधुबनी को स्वच्छ, सुव्यवस्थित, आधुनिक सुविधाओं से युक्त तथा अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को सहेजने वाले शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में NBCC के DGM श्री सुमन कांत, प्रोजेक्ट मैनेजर श्री अभय कुमार, अपर समाहर्ता तथा नगर आयुक्त, मधुबनी सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।



